
गाज़ीपुर। प्रथम महिला प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की जयंती एकता दिवस के रूप में मनाई गई। इस मौके पर रोडवेज बस स्टैंड स्थित उनकी प्रतिमा पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। जिला अध्यक्ष सुनील राम ने कहा कि “इंदिरा गांधी ने सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। उनका नेतृत्व साहस, दूरदृष्टि और निर्णायक क्षमता का प्रतीक था। आज जब समाज में विभाजनकारी ताकतें बढ़ रही हैं, ऐसे समय में इंदिरा के ‘एकता और अखंडता’ के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना हमारा कर्तव्य है।”उन्होंने कहा कि “आज सत्ता में बैठे लोग समाज को बाँटने और संस्थाओं को कमजोर करने में लगे हैं, जबकि इंदिरा जी ने हमेशा गरीब, किसानों और वंचित वर्गों को सशक्त करने का काम किया।”शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने कहा कि “इंदिरा जी के विचार आज भी हर कांग्रेस कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा हैं। उनकी नीतियों ने देश को वैश्विक स्तर पर मजबूती दी। आज की सरकार केवल प्रचार और दिखावा करती है, जबकि इंदिरा जी ने काम से देश का मान बढ़ाया।पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे एवं एआईसीसी सदस्य रविकांत राय ने कहा कि “इंदिरा गांधी ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी भारत को मजबूत नेतृत्व दिया। उनका शासनकाल देश की एकता, सुरक्षा और विकास का स्वर्णिम अध्याय है।”उन्होंने कहा कि “आज की सरकार ऐतिहासिक संस्थानों को कमजोर कर रही है और जनता के मुद्दों से भाग रही है। ऐसे समय में इंदिरा गांधी जी की नीतियों और सिद्धांतों को याद करना पहले से कहीं अधिक आवश्यक है।कार्यक्रम में ज्ञान प्रकाश सिंह, अजय कुमार श्रीवास्तव, चंद्रिका सिंह, राजीव सिंह, हामिद अली, मंसूर जैदी, राम नगीना पांडेय, सतीश उपाध्याय, कृष्णा तिवारी, हरिओम यादव, सदानंद गुप्ता, ओमप्रकाश पासवान, नसीम अख्तर, दिवाकर सिंह, डॉ गुड्डू कुमार, अयूब अंसारी तथा जावेद आदि लोग उपस्थित रहे।




