
रेवतीपुर (गाजीपुर)। ताडीघाट-बारा नेशनल हाईवे अब हरा-भरा नजर आएगा। वन विभाग ने इस हाईवे को ‘ग्रीन हाईवे’ बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत वन जमा योजना के तहत दोनों ओर विभिन्न प्रजातियों के फलदार, छायादार, शोभाकार और औषधीय पौधे लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में रेवतीपुर से मेदनीपुर तक हाईवे के दोनों किनारों पर लगभग 12 किलोमीटर के दायरे में पौधरोपण किया जा रहा है। इस पर दस लाख रुपये की लागत आएगी और कुल 450 पौधे लगाए जाएंगे। इनमें आम, पीपल, महोगनी, इमातरी, महुआ, नीम, पाकर, बरगद, जामुन और बेल जैसी विभिन्न प्रजातियाँ शामिल हैं। इन पौधों को सुरक्षित रखने के लिए आयरन टी-गार्ड भी लगाए जा रहे हैं।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाईवे किनारे पौधों को लगाने का काम मार्च 2026 तक कई चरणों में पूरा किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद, हाईवे से गुजरने वाले राहगीर हरियाली का आनंद ले सकेंगे। हाईवे के निर्माण के बाद भी इन पौधों को दोबारा लगाने में विभाग को लगभग आठ साल लग गए।क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) जयशंकर प्रसाद वर्मा ने बताया कि वन जमा योजना के तहत पहले चरण में लगभग दस लाख रुपये की लागत से रेवतीपुर से मेदनीपुर तक हाईवे किनारे पौधों को लगाने का काम शुरू हो गया है। इस दौरान वन निरीक्षक अशोक कुमार यादव, वन सहायक अजीत कुमार राय दारा राय और वन सहायक समुद्दीन सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।




