
गाजीपुर। लिटरेचर फेस्टिवल रविवार को समापन हुआ। इसकी शुरुआत वाराणसी के होटल द क्लार्क्स में शुक्रवार को हुई थी। वहीं शनिवार को गाजीपुर की ऐतिहासिक धरती साहित्य, संस्कृति और संवाद के रंगों से सराबोर हो गई। यह आयोजन सिर्फ साहित्य का उत्सव नहीं था बल्कि भारतीय चेतना और आजादी के मूल्यों पर गहन चर्चा का मंच भी बना।भारत न्यूज नेटवर्क और भारत डायलॉग्स के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन किया गया।जिसमें विभिन्न देशों के साहित्यकार,राजनयिक,पत्रकार,शिक्षाविद,रंगकर्मी,लोक कलाकार,इतिहासकार,सिनेमा जगत के कलाकारों ने हिस्सेदारी की.गाजीपुर में एक होटल और लंका मैदान में दो दिवसीय साहित्य महोत्सव हुआ। साहित्य महोत्सव के तहत “पूर्वांचल की स्त्री चेतना” विषय पर रति सक्सेना,कमिला यूनिक और प्रो.श्रद्धा सक्सेना ने व्याख्यान दिए।इसी तरह “भोजपुरी सिनेमा व अन्य क्षेत्रीय फिल्में-चुनौतियां एवं सम्भावनाएं” विषय पर अविनाश दास,संजय मासूम, सत्य व्यास,अमित बहल और मनोज भावुक ने वक्ता के रूप में व्याख्यान दिए। आयोजन के दौरान अथर्व पांडेय,शिवानी पांडेय और अनुष्का कुमारी ने शास्त्रीय गायन भी प्रस्तुत किया। जिसमें भारत न्यूज नेटवर्क के सीएमडी उपेंद्र राय के साथ साथ अनिल सूकलाल, डा. आनंद प्रधान,विवेक सत्यमित्रम,जेबी सिंह,डा. ओमकार राय,अरविंद सिंह,अच्युत पांडेय,एम के रैना,पूजा प्रियम्वदा ने विचार विमर्श किया।

महोत्सव के दौरान कई पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।.जिसमे डा. देवेंद्र नाथ तिवारी की लिखी “ककहरा” ,संजीव गुप्ता की “भोजपुरी कहावतों की दुनिया”शामिल रही। इस दौरान भारत एक्सप्रेस के सीएमडी और एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय ने अपने संबोधन में कहा कि लोग अक्सर गाजीपुर में पैदा होने वालों को बनारस से जोड़ देते हैं लेकिन उन्होंने गर्व से कहा कि उन्होंने हमेशा गाजीपुर और शेरपुर को ही अपनी पहचान बताया।

उन्होंने कहा कि आज हम ग्लोबल विलेज में रहते हैं. हमारी चुनौतियां अलग हैं और संघर्ष भी मूलभूत हैं लेकिन यह तथ्य कि हम बैठकर अपनी समस्याओं पर चर्चा कर पा रहे हैं, इस बात का संकेत है कि भारत ने आजादी के बाद की आजादी की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।इस कार्यक्रम में शिरकत करने वाली नामचीन हस्तियों में मनोज राजन त्रिपाठी,जोलानी मकीवा,प्रतीक त्रिवेदी,अंजन श्रीवास्तव,राजमोहन,केशव तिवारी,फौजिया दास्तानगो,रितेश यादव,रमन मैग्सेसे विजेता अंशु गुप्ता, दिव्य प्रकाश दुबे,राजमोहन,भगवानदीन,गिरिजा माधव,माधव कृष्णा,शकुंतला राय,मांधाता राय,अभय मिश्रा,राघव शरण शर्मा,सुशांत झा,श्रुति कृष्णन, विभूति नारायण चतुर्वेदी,अमर नाथ तिवारी शामिल रहे।




