
गाजीपुर। जमानियां तहसील के गरुआ मकसूदपुर के शिक्षक और समाज सेवी तथा बहुमुखी व्यक्तित्व के धनी संतोष राय (48) का बुधवार को वाराणसी में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। संतोष राय आसपास के लगभग एक दर्जन गांवों में वो अपनी मृदुभाषी, कोमल हृदय, आध्यात्मिक, एवं जन जन से आत्मीय लगाव रखने वाली छवि से लोकप्रिय थे। वह एक निजी विद्यालय में प्रधानाध्यापक थे। उन्होंने हजारों गरीब परिवार के बच्चों को पढ़ाकर उनका जीवन संवार दिया। उनके कोमल हृदय में मिलनसार प्रवृत्ति किसी को भी बगैर उनसे कुशलक्षेम जाने हुए नहीं जाने देती थी।

सभी से प्रसन्नता पूर्वक बातें करना और किसी से भी क्रोध न करना उनका अद्भुत गुण था। संतोष राय के निधन से समाज और शिक्षा जगत में अपूर्णीय क्षति है। संतोष राय एक पखवाड़े से रहस्यमय ज्वर से पीड़ित थे जिन्हें निजी चिकित्सकों के उपचार से सुधार न होने पर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था जहां से स्थिति में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने उन्हें वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। वाराणसी में उपचार के दौरान निधन हो गया। श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके ज्येष्ठ पुत्र संस्कार राय ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गरुआ मकसूदपुर सोनू यादव, भगीरथपुर गांव प्रधान राकेश यादव, मंटू राय(पूर्व प्रधान) रामकृपाल राय (पूर्व प्रधान) सुदामा राय, प्रफुल्ल चंद्र राय, अरविंद राय, रामराज यादव, मनोज राय, बचाई राय, रामानंद राय, जितेन्द्र नाथ राय, मंजेश राय, उपेन्द्र राय,रामविशाल राय, भरत राय,वीरेंद्र राय, सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।




