
रेवतीपुर (गाजीपुर)। ताड़ीघाट- सैयदराजा मार्ग एनएच 24 करीब 53 करोड़ से चल रहे विशेष मरम्मत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण और उसकी गुणवत्ता परखने के लिए एनएचएआई वाराणसी के परियोजना निदेशक पंकज मिश्रा गुरूवार को पहुंच गये। अचानक बिना किसी पूर्व सूचना के उनके आने की जानकारी से विभागीय कर्मचारियों, इंजीनियरों सहित कार्यदायी संस्था में अफरा तफरी मच गई।परियोजना निदेशक पंकज मिश्रा ने मेदनीपुर से लेकर जमानियां ,सैयदराजा तक कई जगहों पर राजमार्ग को गरुआ मकसूदपुर के पास जेसीबी से करीब ढाई से तीन फीट गहराई तक खुदाई कराई।उन्होने खोदे गये राजमार्ग के गड्ढे की गहराई आदि की माप कराने के साथ ही हरेक लेयर के मरम्मत और उसमें प्रयुक्त निर्माण सामग्रियों के गुणवत्ता को परखा।इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ लगी रही,जबकि उनके द्वारा बारिकी से जांच करने को लेकर अधीनस्थ कर्मचारियों, इंजिनियरों,सहित कार्यदायी संस्था के लोग सहमें रहे।एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने खोदे गये गड्ढो से निर्माण सामग्रियों के नमूने लैब में परीक्षण के लिए उसे सीलबंद कर अपने साथ लेते हुए,उन्होंने सम्बन्धित कार्यदायी संस्था, सहित अपने अधिनस्थो को सख्त हिदायत दिया कि निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी। मालूम हो कि जमानियां, सैयदराजा गाजीपुर राजमार्ग के विशेष मरम्मत के लिए एनएचएआई ने 2024 में “एमओआरटीएच “को इसके विशेष मरम्मत और सुंदरीकरण का प्रस्ताव भेंजा,जिसे जनवरी 2025 में मंजूरी मिलने के साथ ही धनराशि का आवंटन कर दिया गया,जिसके बाद इसका काम बीते 11 अप्रैल 2025 को शुरू किया गया था। एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज मिश्रा ने बताया कि बन रहे राजमार्ग के गुणवत्ता परखी जा रही है,बताया कि गुणवत्ता परखने काम कई चरणों में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।मानक के अनुरूप काम ना होने पर सम्बन्धित के खिलाफ कार्रवाई होगी।




