
गाजीपुर।भारत रत्न, महान स्वतंत्रता सेनानी, भारत के गृह मंत्री, प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित गोविन्द बल्लभ पंत का 138 वां जन्मदिन दिवस गौरव दिवस के रूप में धूम धाम से मनाया गया। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कलेक्ट्रेट कक्ष में पंडित गोविन्द बल्लभ पंत के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.। यह कार्यक्रम सभी तहसीलों में उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुआ। जिलाधिकारी ने बताया कि पंडित गोविन्द बल्लभ पंत का स्वतंत्रता आंदोलन में अहम योगदान रहा हैं। प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और भारत के गृह मंत्री के रूप में उनकी भूमिका शामिल है। पंडित गोविन्द बल्लभ पंत को 1957 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्होंने भाषा के आधार पर राज्यों के विभाजन और हिंदी को राजभाषा का सम्मान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पंत का जन्म 10 सितंबर, 1887 को अल्मोड़ा, उत्तराखंड में हुआ था। उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन में भाग लिया और नमक मार्च जैसे सत्याग्रहों में जेल भी गए। स्वतंत्रता के बाद, वे उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री बने। उन्होंने 1955 से 1961 तक भारत के गृह मंत्री के रूप में कार्य किया। उनके महान योगदान के लिए उन्हें 1957 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्होंने जमींदारी प्रथा के विरोध, किसानों के उत्थान और महिलाओं के अधिकारों के लिए कार्य किया। उन्होंने हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में सम्मान दिलाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।




