
सेवराई (गाजीपुर)। गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई गांव बाढ़ से घिर गये हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी अविनाश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा ने सेवराई तहसील के विभिन्न बाढ प्रभावित गांवों का मोटरबोट से निरीक्षण कर बाढ प्रभावित लोगों का उनका हाल जाना। जिलाधिकारी में बाढ़ प्रभावित गांव में जाकर पीड़ितों से बात किये। डीएम ने एक व्यक्ति के कंधे पर हाथ रखकर उनका हाल जाना। जिलाधिकारी ने सेवराई तहसील के हसनपुरा, नसीरपुर, बिरऊपुर व मकदुमपुर का मोटरबोट के माध्यम से स्थलीय निरीक्षण किया।जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी लोकेश कुमार को बाढ प्रभावित लोगो को राहत समाग्री व लंच पैकेट तथा पशुओ के लिए चारा व भूसा की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होने बाढ प्रभावित गांवों में नावों की संख्या बढाने का भी निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि 04 अगस्त की शाम तक गंगा के जलस्तर में कमी होने की सम्भावना है। पांच तहसीलो के 57 गांव बाढ से प्रभावित है। जिसमें 24 गांवों की आबादी प्रभावित हुई है। सभी गांवों में लंच पैकेट की व्यवस्था कराने का पहले ही निर्देश सभी एसडीएम को दिये गये है। इसके साथ ऐसी महिलाए जिसकी डिलीवरी ड्यू है ऐसी गर्भवती महिलाओ की सूची बनायी गयी है। बाढ शरणालय तथा बाढ कन्ट्रोल रूम 0548-2224041 व 9454417103 क्रियाशील है। लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर कन्ट्रोल रूम नं. पर सूचित कर सकते है। मौके पर अपर जिलाधिकारी वि0रा0 दिनेश कुमार,, उपजिलाधिकारी सेवराई लोकेश कुमार,क्षेत्राधिकारी जमानियां , तहसीलदार सेवराई एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।




