
गाजीपुर। एक सप्ताह से मनिहारी ब्लॉक के हरिहर गाँव में चल रहे जल सत्याग्रह गुरुवार की देर रात समाप्त हो गया। जब जिला पंचायत के अधिकारी वहां पहुंचकर पोखरे में गंदा पानी न गिराने की बात स्वीकार किये और ख़ुद भी ग्रामीणों के साथ नाली को पाट दिया । समाजसेवी सिद्धार्थ राय की अगुवाई में चल रहे इस सत्याग्रह ने बड़ा स्वरूप ले लिया था। सत्याग्रह के दौरान ही अनशन शुरु हो गया था। तालाब में अनशन करने के लिए सिद्धार्थ राय ने अर्थी और विजय तिलक दोनों पोखरे में रखवा कर तालाब में उतर गए थे। उन्होने ग्रामीणों से कहा कि अब आर पार की लडाई शुरु हो गया है।

चाहे जान जाएगी या फिर इस सत्य की लड़ाई का विजय तिलक लगा कर इस तालाब से बाहर निकलूंगा । इसके बाद हरिहरपुर समेत अनेकों गांव सैकड़ों लोग पोखरे पर जुट गए। देर रात तक सत्याग्रह चलता रहा। जिला पंचायत के अधिकारी वहां पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि नाली का गंदा पानी तालाब में नहीं गिरेगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर नाली को पाट दिया। इसके बाद सिद्धार्थ राय का अनशन तिलक लगाकर समाप्त हुआ। सिद्धार्थ राय ने एनजीटी में भी केस किया है ताकि आगे से कोई भी स्वच्छ पोखरे में गंदा पानी गिराने का पर्यावरण विरोधी काम न हो । सत्याग्रह के अंत में सिद्धार्थ राय ने जिलाधिकारी अविनाश कुमार समेत सभी अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया ।




