
ग़ाज़ीपुर। शहर के अष्टभुजी कॉलोनी स्थित द प्रेसिडियम इंटरनेशनल स्कूल में बौद्धिक संगोष्ठी और काव्य पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवा कवि व लेखक मनोज कुमार की रचित प्रथम पुस्तक ‘जिनके हम सब माली हैं’ काव्यसंग्रह का लोकार्पण किया गया। युवा साहित्यकार डॉ0 माधव कृष्ण ने काव्यसंग्रह ‘जिनके हम सब माली हैं’ के पाण्डुलिपि से पुस्तक के मूर्त रूप में आने तक के सफ़र के बारे में चर्चा की। उन्होने बताया कि यह पुस्तक नई दिल्ली के न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित की गई है जो अमेज़न तथा फ्लिपकार्ट पर भी उपलब्ध है। साहित्यकार कामेश्वर द्विवेदी ने पुस्तक की सराहना करते हुए कवि मनोज कुमार आशीर्वाद दिया वरिष्ठ कवि दिनेश चन्द्र शर्मा ने अपनी पंक्तियों से सहित्य के पथ पर निरंतर अग्रसर होते रहने के लिए उत्साह भर दिया। मनोज कुमार ने बताया कि जिस प्रकार किसी बाग में कई तरह के रंग बिरंगे फूल होते हैं जिनको चुनकर एक गुलदस्ता बनाया जाता है ठीक उसी तरह इस काव्यसंग्रह में भी जीवन के विभिन्न खट्टे-मीठे पहलुओं और अनुभवों के अंश एक गुलदस्ते में कई फूलों की तरह ही हैं। जिससे समाज को प्रतीकात्मक रूप से संदेश देने का प्रयास है।डॉ0 निरंजन यादव ने कहा कि सहित्य समाज का दर्पण होती है जिससे समाज को सदैव कुछ न कुछ सीखते रहना चाहिए।कार्यक्रम के दौरान डॉ0 रश्मि शाक्य, हरिशंकर पाण्डेय, डॉ0 रामअवध कुशवाहा आचार्य, रमाकान्त राही, पूजा राय ,प्रो0 समरेन्द्र नारायण मिश्र, रामनगीना कुशवाहा, बृजेन्द्र यादव, कृष्णानंद मिश्रा, अजय आनंद, रामनिवास सिंह आदि लोग मौजूद थे।




