
गाजीपुर। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ ने 9 जुलाई को केंद्र सरकार की नवउदारवादी, कॉरपोरेट-समर्थक और श्रमिक-विरोधी नीतियों, विशेष रूप से चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के विरोध में राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया।इन श्रम संहिताओं को श्रमिकों के मौलिक अधिकारों जैसे संगठित होने, सामूहिक सौदेबाजी और हड़ताल करने के अधिकार को कमजोर करने वाला माना जा रहा है। हड़ताल का उद्देश्य बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण, ठेका प्रथा और पुरानी पेंशन योजना की बहाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी ध्यान आकर्षित करना है।मुख्य मांगें: चार श्रम संहिताओं को तत्काल रद्द करना,पुरानी पेंशन योजना की बहाली,बेरोजगारी और महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण, निजीकरण और ठेका प्रथा पर रोक, न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी।इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन के क्रम में, गाजीपुर पश्चिमी और गाजीपुर पूर्वी क्षेत्रीय कार्यालयों पर सदस्यों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष कुमार तथा जिलाध्यक्ष अशोक कुमार एवं सचिव मोहम्मद तसवर के नेतृत्व में हुआ। जिसमें संगठन के सैकड़ों सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। एक दिवसीय हड़ताल के कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सभी शाखाएँ बंद रहीं और अधिकांश एटीएम भी अनुपयोगी रहे।




