
गाजीपुर। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन ने बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में 20 मई को अधीक्षण अभियंता कार्यालय लालदरवाजा पर एक दिवसीय कार्य बहिष्कार किया। संगठन के बैनर तले समस्त अवर अभियंताओं एवं प्रोन्नत सहायक अभियंताओं ने प्रबंधन द्वारा चलाए जा रहे पीपीपी मॉडल का परीक्षण ,फेशियल अटेंडेंस तथा निजीकरण की प्रस्ताव हेतु गलत ढंग से नियुक्त किए कंसलटेंट/ट्रांजैक्शन एडवाइजर की नियुक्ति की निविदा निकाले जाने का विरोध किया। ज्ञात हो कि पूर्व में वर्ष 2018 व 2020 में उत्तर प्रदेश में सरकार शासन ऊर्जा प्रबंधन एवं संगठनों के बीच स्पष्ट सैद्धांतिक सहमतिया हुई थी कि ऊर्जा क्षेत्र में किसी प्रकार का कोई भी निजीकरण नहीं किया जाएगा। परंतु पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल डिस्काम का निजीकरण का प्रस्ताव एवं कंसलटेंट की नियुक्ति पूर्णतया असंवैधानिक एवं सहमतियों का खुला उल्लंघन है। निजीकरण गरीब विद्युत उपभोक्ताओं, किसान आम जनमानस एवं कर्मचारी हित में बिल्कुल भी नहीं। उक्त निविदा को निरस्त करने तथा निजीकरण का प्रस्ताव वापस किए जाने के लिए ऊर्जा प्रबंधन का जमकर विरोध किया। जिसमें जनपद अध्यक्ष मिथिलेश यादव एवं जनपद सचिव इंद्रजीत पटेल की अध्यक्षता में हुई। नगर के उपकेंद्र लोटन इमली पर तैनात अवर अभियंता रंजीत यादव के निधन पर दो मिनट का शोक सभा किया गया। इस विरोध सभा में प्रबंधन को कड़े तौर पर हिदायत दी गई कि निजीकरण का रवैया बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं है ना तो आगे बर्दाश्त किया जाएगा। विरोध सभा में इंजीनियर अभिषेक केशरवानी , इंजीनियर रामप्रवेश चौहान, इंजीनियर मनोज पटेल, इंजीनियर इंदल राम, इंजीनियर दीपक कुमार, इंजीनियर ताराशंकर , इंजीनियर एस.के.सिंह इत्यादि लोग मौजूद रहे ।




