
गाजीपुर। नमामि गंगे ईओएफसी योजना के प्रथम वर्ष जैविक मेला/प्रदर्शनी विकास भवन में यूपी डास्प की ओर से लगाया गया। मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने दीप प्रज्जवलन कर किया। मेला में कृषि विज्ञान केंद्र पीजी कॉलेज के वैज्ञानिक डॉ एसके सिंह ने औद्यानिक फसलों, फलो, सब्जियों क़ो उगाने एवं उसके रख रखाव के बारे में बताया। यूपी डास्प के जिला परियोजना समन्वयक डॉ वीके राव ने जैविक खेती की आवश्यकता, उद्देश्य एवं आमजन, पर्यावरण क़ो होने वाले फायदे के बारे बताया। डॉ राव के अनुसार आनेवाले समय में विशिष्ट उत्पादों की समूह में खेती की जायेगी। उत्पादों की ग्रेडिंग, सोर्टिंग, वैल्यू एडिशन करके बाजारों में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जायेगा। मौसम में होने वाले उतार चढ़ाव से फसलों मे होने वाले नुकसान के निराकरण हेतु डिजिटल सूचना तंत्र विकसित किया जायेगा।

उत्पादों के निर्यात हेतु ग़ाज़ियाबाद में तैयार जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक परिवहन सुविधा क़ो सुदृढ़ किया जा रहा है।जैविक मेले में उप कृषि निदेशक अतीन्द्र सिंह ने रासायनिक उर्वरक के दुष्परिणाम के बारे बताया। अध्यक्षकता कर रहे परियोजना निदेशक राजेश यादव ने किसानों को जैविक तकनीक अपनाने की अपील की। मेले में कृषि एवं सम्बंधित विभाग जैसे पशुपालन, मत्स्य, उद्यान एवं कृषक उत्पादक संगठन ने अपने अपने स्टाल लगाये। सपना सिंह ने जैविक किसानों को पीजीएस प्रमाण पत्र वितरित किया। यू पी डास्प की सहयोगी संस्था -ईश एग्रीटेंक के प्रोजेक्ट मैंनेजर कुलदीप सिंह ने सभी अतिथियों का आभार प्रगट किया गया। प्रदर्शनी में शुभाष सरोज, जिला विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, आशीष कुमार जिला उद्यान अधिकारी, राजेश यादव, मंडी सचिव, डॉ आर के गौतम, शरद यादव, संजीव मिश्रा आदि उपस्थित थे।




