
गाजीपुर। जिले भर में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व आपसी भाईचारा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। ईदगाह मस्जिदों के अतिरिक्त अन्य मस्जिदों में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। इस मौके पर अनगिनत सर न केवल बारगाहे इलाही में झुके बल्कि बारगाहे इलाही में हाथ उठाकर मुल्क कौम-ओ-मिल्लत और मुल्क की खुशहाली, तरक्की तथा अमनो-अमान के लिए दुआएं मांगी। जायज जानवरों की कुर्बानी दी गई। सिंवईयों सहित अन्य पकवान का लुत्फ उठाया। त्यौहार सकुशल सम्पन्न हो इसके लिए जिले के आला अधिकारी सक्रिय रहे। इनमें बड़े-बुजुर्गों के साथ ही नये-नये परिधानों में सजे-धजे बच्चे भी पहुंचे। ईद-उल-अजहा दो रकात नमाज अदा की। तत्पश्चात विभिन्न मस्जिदों में इमाम ने खुत्बा पढ़ा गया। अंत में बारगाहे इलाही में हाथ उठाकर कौम-ओ-मिल्लत की खुशहाली के लिए व वतन की तरक्की, तहफ्फुज (सुरक्षा) व अमन-चैन की दुआ मांगी। जिले की विभिन्न मस्जिदों में नमाज से पूर्व इमाम ने इसलाही तकरीर पेश किये तथा कुर्बानी की अफजलियत बयान की। नमाजके बाद एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।

बकरीद के मौके पर शांति एवं कानून व्यवस्था को सुदृण बनाये रखने के लिए आठ बजे से विशेश्वरगंज ईदगाह पर नमाज अदा शान्ति पूर्णक जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक डा0 ईरज राजा के उपस्थिति में सम्पन्न कराया गया। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ईदगाह स्थल चौराहे पर कैम्प लगाकर नमाज के अन्तिम समय तक रहे। जिसमें आये हुए प्रबुद्धजन से मुलाकात कर हाल चाल पूछते रहे और छोटे बच्चों को चाकलेट बांटकर बकरीद की बधाई दी।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0, क्षेत्राधिकारी शहर एवं ग्रामीण, नगर पालिका ईओ, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, कर्मचारी उपस्थित रहे।बहरियाबाद कस्बा सहित दरगाह, मलिकनगांव, पलिवार, रायपुर, देईपुर, झोटना, राजापुर, वृन्दावन, मिर्जापुर आदि गांवो में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व परम्परागत ढंग से मनाया गया। बहरियाबाद कस्बा के ईदगाह मस्जिद, शाही मस्जिद, गौसिया मस्जिद, जामा मस्जिद मलिकनगांव, पलिवार, देईपुर तथा रायपुर आदि मस्जिदों में नमाज अदा की तथा कौम-ओ-मिल्लत व देश की खुशहाली व अमनो-अमान की दुआएं मांगी। नमाज अदा करने के बाद सक्षम लोगों ने अल्लाह की बारगाह में जानवरों की कुर्बानी पेश की। थानाध्यक्ष बृजेश कुमार पुलिस बल के साथ विभिन्न मस्जिदों पर चक्रमण करते रहे।




