
गाजीपुर। समाजवादी पार्टी की ओर से जिलाध्यक्ष गोपाल यादव की अध्यक्षता में शोषितों वंचितों की आवाज एवं सामाजिक न्याय के पुरोधा कांशीराम के जयंती पीडीए दिवस के रूप में सरजू पांडे पार्क में मनाई गई। मुख्य अतिथि नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद लाल बिहारी यादव ने कांशीराम को युग पुरुष बताते हुए कहा कि अपनी प्रगतिशील सोच से उन्होंने समाज को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा के अनुसार बहुजन समाज को संगठित होने की जरूरत है। यदि हम संगठित होकर अपने हक और अधिकार की लड़ाई नहीं लड़े और तानाशाह भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल नहीं किया तो न हमारे हक- अधिकार बचेंगे न संविधान और लोकतंत्र। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते हम सचेत नहीं हुए तो यह सरकार अपनी नापाक हरकतों से यह सरकार हमारे घरौंदों और सपनों को चकनाचूर कर देगी। जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने कहा कि कांशीराम दलितों पिछड़ों कै मसीहा थे। उन्होंने बहुजनवाद का सिद्धांत प्रतिपादित करते हुए आजीवन वंचितों और शोषितों के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ते रहे। उनके आंदोलन का ही परिणाम था कि दलित पिछड़ा और मुसलमान अपने हक हकूक के लिए जागरूक हुए।वज्ञ बहुजनों को इस देश के हुक्मरान के रूप में देखना चाहते थे। उन्होंने कहा कि जब तक धरती पर असमानता और शोषण है कांशीराम के विचार प्रासंगिक रहेंगे।इस अवसर पर विधायक डॉ विरेन्द्र यादव,विधायक जै किशन साहू, विधायक सोएब अंसारी मन्नू,पूर्व विधायक सैय्यदा शादाब फातिमा,पूर्व विधायक खुर्शीद अहमद, पूर्व विधायक चौधरी लालता प्रसाद निषाद, उमाशंकर कुशवाहा,राष्ट्रीय सचिव राजेश कुशवाहा, ओपी भारती, ,सुदर्शन यादव, पुनीता यादव,बलिराम पटेल,रामवचन यादव, सुशील जायसवाल, अरुण कुमार श्रीवास्तव,विभा पाल, देवनाथ कुशवाहा,महेन्द्र चौहाध, राजकुमार पांडेय, डॉ रमाशंकर राजभर, रामाधार यादव,रीता विश्वकर्मा, अशोक कुमार बिन्द,रविन्द्र प्रताप यादव,सुजीत यादव ,आत्मा यादव, मन्नू सिंह,शौर्या सिंह,मुन्नीलाल राजभर, आशीष यादव उर्फ राहुल यादव,अमित ठाकुर,विजय शंकर यादव,रामदरस यादव,अभिषेक कुशवाहा, पूजा गौतम, रीना यादव , सत्येन्द्र यादव हत्या,डॉ समीर सिंह,तहसीन अहमद, गोवर्धन यादव,अवधेश यादव डॉ संजय कन्नौजिया, गोविंद यादव,सदानंद कन्नौजिया,जै हिंद यादव,वृजदेव खरवार, योगेंद्र राय, राजेन्द्र यादव, परशुराम बिंद,जमुना यादव, अनिल प्रधान, कमलेश यादव, मार्कण्डेय यादव आदि मौजूद थे। संचालन जिला महामंत्री कन्हैया लाल विश्वकर्मा ने किया।




