
गाजीपुर। जिले में स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार देर रात अचानक लगभग 81 से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली स्मार्ट मीटर के माध्यम से बकाया बिल के नाम पर काट दी गई। बिजली कटते ही उपभोक्ताओं में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने तुरंत ही फोन पे, पेटीएम सहित अन्य ऑनलाइन माध्यमों से बकाया बिल का भुगतान कर दिया। भुगतान करने के बाद भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। जिससे लोग रातभर अंधेरे में रहे। उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर प्रणाली पूरी तरह अपडेट और व्यवस्थित नहीं है, इसके बावजूद विभाग मनमाने तरीके से बिजली काटने की कार्रवाई कर रहा है।इस मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि पिछले लगभग एक साल से जिले के करीब 2000 से अधिक स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का बिजली बिल ही जारी नहीं हुआ, जिससे उपभोक्ता लगातार विभाग के चक्कर काट रहे हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि जब बिल ही नहीं आ रहा था तो भुगतान कैसे किया जाय, लेकिन अब अचानक उन्हीं उपभोक्ताओं की लाइन भी बकाया दिखाकर डिस्कनेक्ट कर दी जा रही है।
… स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब स्मार्ट मीटर की तकनीकी व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त नहीं है, तो फिर एक साथ इतने उपभोक्ताओं की बिजली कैसे काट दी गई। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके बिल में पहले से ही गड़बड़ी है, जिसके लिए वह विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन बिल संशोधन नहीं हो रहा है।सूत्रों की मानें तो स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली जोड़ने और काटने का नियंत्रण अब स्थानीय स्तर के अधिकारियों जैसे अधीक्षण अभियंता, अधिशाषी अभियंता और उपखंड अधिकारियों के पास नहीं रह गया है। यह अधिकार उच्च स्तर पर केंद्रीकृत कर दिया गया है। जिसके कारण स्थानीय स्तर पर समस्या का तत्काल समाधान भी नहीं हो पा रहा है।इस पूरे मामले को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है, लेकिन उपभोक्ताओं की मांग है कि जिन लोगों ने बकाया बिल जमा कर दिया है, उनकी बिजली तुरंत बहाल की जाए।




