Saturday, July 25, 2026

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विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में खेलों की भूमिका महत्वपूर्ण

गाजीपुर। पीजी कालेज में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन सेमिनार हाल में किया गया। संगोष्ठी में विज्ञान संकाय के शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विषय के शोधार्थी राकेश कुमार चौहान ने अपने शोध प्रबन्ध शीर्षक “माध्यमिक स्तर के फुटबॉल एवं कबड्डी खिलाड़ियों के चिंता और व्यक्तित्व का तुलनात्मक अध्ययन ”नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि माध्यमिक स्तर पर खेल विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फुटबॉल और कबड्डी दोनों लोकप्रिय खेल हैं, परंतु इनकी प्रकृति अलग होने के कारण खिलाड़ियों की चिंता और व्यक्तित्व में भी अंतर देखा जाता है। फुटबॉल एक टीम आधारित खेल है जिसमें खिलाड़ियों को लंबे समय तक मैदान में सक्रिय रहना पड़ता है। इसमें टीम समन्वय, सहनशक्ति और रणनीति महत्वपूर्ण होती है। इसलिए फुटबॉल खिलाड़ियों में सहयोग, आत्मविश्वास, सामाजिकता और धैर्य जैसे व्यक्तित्व गुण अधिक विकसित होते हैं। प्रतियोगिता के दौरान प्रदर्शन को लेकर उनमें कभी-कभी चिंता भी देखी जाती है। कबड्डी एक शारीरिक संपर्क वाला खेल है। जिसमें साहस, त्वरित निर्णय और जोखिम उठाने की क्षमता आवश्यक होती है। कबड्डी खिलाड़ियों में आक्रामकता, प्रतिस्पर्धात्मकता और साहस जैसे गुण अधिक पाए जाते हैं। खेल के दौरान हर क्षण सतर्क रहने की आवश्यकता के कारण उनमें क्षणिक चिंता अधिक देखी जा सकती है। इस प्रकार फुटबॉल खिलाड़ियों में टीम भावना और संतुलित व्यक्तित्व अधिक विकसित होता है, जबकि कबड्डी खिलाड़ियों में साहस और त्वरित निर्णय क्षमता प्रमुख होती है। दोनों खेल विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसके बाद समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबन्ध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। संगोष्ठी में शोध निर्देशक प्रोफे० (डॉ०) वीरेन्द्र कुमार सिंह विभागाध्यक्ष डॉ० लवजी सिंह, प्रोफे० (डॉ.) सुजीत कुमार सिंह, प्रोफे० (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ. रामदुलारे, डा. अशोक कुमार , प्रोफे०(डॉ०) संजय चतुर्वेदी, डॉ० योगेश कुमार, डॉ० शिवशंकर यादव, डॉ०शैलेन्द्र सिंह, डॉ०अरविंद उपाध्याय, डॉ०अंजनी कुमार गौतम, प्रोफे० विनय कुमार दुबे, प्रोफे० मीना सिंह, अभिषेक एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा शोध छात्र छात्रएं आदि उपस्थित रहे। संचालन अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी. सिंह ने किया।

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