
गाजीपुर। अतिप्राचीन रामलीला कमेटी “हरिशंकरी” की ओर से होली मिलन समारोह का आयोजन रविवार को किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अति प्राचीन राम चबूतरे पर राम सिंहासन पर विराजित प्रभु श्रीराम के दरबार में पूजन-अर्चन के साथ हुई। कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी “बच्चा” तथा कमेटी के अन्य सदस्यों ने आए कवियों का माल्यार्पण, अंगवस्त्र पहनाकर और अबीर गुलाल लगा कर स्वागत किया। ।काव्य गोष्ठी में कवि अंबुज मिश्रा, फजीहत गहमरी, गुनगुन गुप्ता, बादशाह प्रेमी, अमरनाथ तिवारी “अमर” और अंतरराष्ट्रीय कवि पंडित भूषण त्यागी ने अपनी-अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया। कवि अंबुज मिश्रा ने प्रेम की भावनाओं से भरी अपनी रचना सुनाई“मैंने देखा नहीं तुम दिखे भी नहीं,मैंने खोजा नहीं तुम मिले भी नहीं। शंकर कैमूरी ने “वो आदमी तलाशो जो करके ये दिखा दे,पत्थर को मोम कर दे, शीशे का दिल बना दे,लाया हूं बंद करके मैं साफ बोतलों में,किस जात का लहू है कोई डॉक्टर बता दे।”इसके अलावा गुनगुन गुप्ता ने बेटियों के महत्व पर आधारित रचना सुनाई“बेटे हैं नेह मेघ तो बौछार बेटियां,बेटे यदि गुलाब तो गुलनार बेटियां।पंडित भूषण त्यागी ने “दर्द होता रहा छटपटाते रहे,आईने से सदा चोट खाते रहे,वो वतन बेचकर मुस्कराते रहे,हम वतन के लिए सर कटाते रहे। कार्यक्रम में आरएसएस के जिला प्रचारक प्रभात, नगर प्रचारक विक्रम, शासकीय अधिवक्ता सिविल अजय पाठक, शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कृपाशंकर राय, अशोक अग्रवाल, रोहित अग्रवाल, गोपाल पांडे, पंडित लव त्रिवेदी, छोटे महाराज, मयंक तिवारी, जयसूर्या भट्ट, बनबिहारी सिंह, कमलेश सिंह, नाहिद खान, प्रहलाद पांडेय, राकेश तिवारी, सूर्यवीर सिंह, अजय श्रीवास्तव, अमरमणि त्रिपाठी, प्रमोद सिन्हा, सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी बच्चा ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। संचालन अंतरराष्ट्रीय कवि “शंकर कैमूरी” ने किया।




