
बहरियाबाद (गाजीपुर)।कस्बे के निवासी प्रोफेसर फुरकान कमर को इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ का नया वाइस चांसलर नियुक्त किया गया है। इस खबर से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। प्रोफेसर कमर उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और प्रशासक के रूप में जाने जाते हैं।प्रोफेसर फुरकान कमर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कमर अहमद (एडवोकेट) के इकलौते पौत्र हैं। उनके पिता सुल्तान अहमद एक किसान थे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बहरियाबाद के प्राथमिक विद्यालय से प्राप्त की और बाद में उच्च शिक्षा के लिए लखनऊ चले गए। गांव के लोग उन्हें ‘परवेज’ उपनाम से भी जानते हैं।उनका विवाह बहरियाबाद निवासी और कश्मीर विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर मशीरुल हक की पुत्री अर्शिया से हुआ है। मशीरुल हक की कश्मीर में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। प्रोफेसर कमर का पुत्र जर्मनी में और पुत्री लंदन में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।प्रोफेसर कमर जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली के सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं। वह पूर्व में इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ के कुलाधिपति के मुख्य सलाहकार भी रह चुके हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय और केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के कुलपति के रूप में भी कार्य किया है। केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के वे प्रथम कुलपति थे।उनकी शैक्षणिक रुचियाँ उच्च शिक्षा की सार्वजनिक नीति, योजना, प्रशासन और वित्तपोषण से संबंधित हैं। प्रोफेसर कमर ने जामिया मेडिकल कॉलेज परियोजना के समन्वयक और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के सेंटर फॉर मैनेजमेंट स्टडीज के निदेशक जैसे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएँ दी हैं। शिक्षा प्रशासन के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है। इनमें स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से डी.लिट. (मानद उपाधि), राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन शिक्षा सम्मान और पंजाब कॉमर्स एंड मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड शामिल हैं।इस नई उपलब्धि पर उनके गुरु रामजन्म सिंह, अजय सहाय, प्रधान प्रतिनिधि अब्दुल खालिक, शिवनाथ राम, पूर्व प्रधान निसार अहमद, श्यामसुंदर जायसवाल, दानिशवरा, नवाज अहमद और आमिर अब्बासी सहित कई लोगों ने उन्हें बधाई दी है।




