
सादात (गाजीपुर)। सिद्धपीठ हथियाराम मठ के महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति की रामहित यात्रा जखनियां के मंझनपुर में समाप्त हुई। इस मौके पर श्रीनाथ मठ के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर कौशलेंद्र गिरी महाराज भी मंचासीन रहे। यह कार्यक्रम कानपुर प्रांत प्रचारक श्रीराम सिंह और उनके शिष्यों के नेतृत्व में ग्रामवासियों ने आयोजित किया ।उल्लेखनीय है कि स्वामी भवानी नन्दन यति की रामहित यात्रा नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू हुई थी, जो चार माह तक चली। इस दौरान पीठाधीश्वर ने आजमगढ़, बलिया, चंदौली और गाजीपुर जिलों के कई गांवों का दौरा किया। उन्होंने पूजन-प्रवचन और गुरु दीक्षा के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्मोपदेश दिया। भवानीनंदन यति ने कहा कि आज के व्यस्त जीवन में भी भगवान की पूजा-आराधना के लिए समय निकालना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मनुष्य को इस धरती पर आकर भगवान को नहीं भूलना चाहिए, क्योंकि यह अनुचित है।स्वामी भवानीनंदन यति ने मानव जीवन की सार्थकता के लिए भगवत भजन को उत्तम कार्य बताया। उन्होंने कहा कि संत और सत्संग के सानिध्य में रहने से अच्छे विचारों का सृजन होता है। मनुष्य के भीतर प्रेम, भक्ति, श्रद्धा और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना होना आवश्यक है। कार्यक्रम में रणजीत सिंह, जितेंद्र सिंह वकील, रिपुंजय सिंह, रविंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, अरविंद कुमार सिंह, अंजनी सिंह, रामपूजन सिंह, संजय सिंह, मुकेश गिरी, अक्षय यादव, पारस नाथ गिरी, पारस नाथ शर्मा, शेखर राम, सुरेश राम, रजनीश यादव, फेरू राम, मुन्ना पांडे सहित आसपास के कई लोग उपस्थित थे।




