
गाजीपुर। शहर कोतवाली पुलिस ने शनिवार को मनोहर यादव हत्याकांड का खुलासा कर दिया। इस मामले में पुलिस ने भाई बहन को गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली के बारहबंगला निवासी और खरडीहा पीजी कॉलेज में क्लर्क मनोहर सिंह यादव (34) की रजागंज पुल के नीचे सगे भाई बहन ने गला दबाकर हत्या कर दिया था। हत्या करने के बाद आरोपियों ने शव को गंगा में फेंक दिया था। इसके बाद मनोहर की बाइक हमीद सेतु पर छोड़ दिया था। शनिवार को एसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा ने पुलिस कार्यालय में हत्याकांड का खुलासा किया। एसपी सिटी ने बताया कि कोतवाली के बारहबंगला निवासी मनोहर सिंह यादव नौ फरवरी की शाम को बाइक से घर से निकले थे लेकिन घर नहीं लौटे। काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के दौरान मनोहर की बाइक को वीर हमीद सेतु से बरामद किया। इसके बाद काफी खोजबीन के बाद गोताखोरों ने उसका शव शुक्रवार को बवाड़े के पास गंगा से बरामद किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की बात सामने आई। जांच के बाद हत्या में शामिल सुहवल थाना क्षेत्र के मेदनीपुर निवासी दीपा सिंह(30) पुत्री उदयभान सिंह और उसके भाई परीक्षित सिंह को कोतवाल महेंद्र सिंह ने अपनी टीम के साथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने हत्या की बात स्वीकार की।
… उधार दिए रुपए के लिए की थी हत्या
एसपी सिटी राकेश मिश्रा ने बताया कि आरोपी परिक्षित सिंह ने पूछताछ में बताया कि मृतक मनोहर सिंह यादव मेरी बड़ी बहन दीपा सिंह का मित्र था। वे दोनों कालेज के दिनों में सहपाठी थे। बहन दीपा सिंह एसबीआई बैंक मऊ में नौकरी करती है। मनोहर सिंह ने मेरी बहन से एक साल पूर्व 2.5 लाख रुपये उधार लिया था। जिसे वापस नहीं कर रहा था। इसी बात को लेकर बहन दीपा सिंह से वाद विवाद हुआ। यही नहीं वह शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान करता था। जिस कारण बहन परेशान रहती थी। एक दिन बहन ने बताया कि मनोहर ने उससे ढाई लाख रुपया उधार लिया है और मांगने पर पैसा वापस नहीं कर रहा है। साथ ही बदनाम करने की धमकी दे रहा है। उसकी एक अन्य लड़की से भी बातचीत होती है। इसके बाद नौ फरवरी को बहन ने फोन कर बताया कि मनोहर उसे रौजा तिराहे से शाम को घर छोड़ने आ रहा है। फिर मैने उससे मनोहर को गंगा नदी रेलवे पुल के नीचे सुहवल की तरफ लेकर आने को कहा और मैं वहां पहुंचकर इंतजार करने लगा। मनोहर सिंह यादव जब बहन को लेकर गंगा नदी पुल के नीचे आया तो मैने और मेरी बहन ने पैसे वापस करने के बारे में पूछा। इस पर वह हमे उल्टा दोषी बताने लगा और कहने लगा कि पैसा वापस नहीं करूंगा। गुस्से में आकर बहन के साथ मिलकर उसका गला दबाकर हत्या कर दिया। हत्या के बाद शव को गंगा मे फेंक दिया। इसके बाद बाइक के दोनों तरफ नम्बर प्लेट पर मिट्टी लगाकर गंगा पुल पर ले जाकर खड़ी कर दिया। पुल पर से उसका हेलमेट और गाड़ी की चाभी और मोबाइल पुल से नीचे नदी में फेंक दिया था।




