
गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक ईरजराजा की उपस्थिति में माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित होने वाली हाई स्कूल एंव इण्टरमीडिएट परीक्षा को नकल विहीन एवं सुचितापूर्ण सम्पन्न कराने को लेकर आडिटोरियम सभागार में बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि परीक्षा 18 फरवरी से प्रारम्भ होकर 12 मार्च तक संचालित होगी। उन्होने कहा कि बोर्ड द्वारा भेजा गया प्रश्नपत्रों को प्राप्त करने, उन्हे पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षित स्थान पर सीसीटीबी के निगरानी में रखना, प्रश्नपत्रो को परीक्षा केन्द्रो पर डबल लाक वाले स्टील/लोहे की आलमारी में रखा जाये। प्रश्नपत्रों को परीक्षा केन्द्र पर पहुचने पर डबल लाक की आलमारी में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नामित स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्र व्यवस्थापक एवं वाह्य केन्द्र व्यवस्थापक की उपस्थिति में परीक्षा केन्द्रो पर रखवाया जाय तथा डबल लाक वाली आलमारी में पेपर सील बंद किया जाय।जिलाधिकारी ने नामित किये गये समस्त जोनल/सेक्टर मजिस्ट्रेट/फ्लाईग स्क्वायर्ड टीम/समस्त केन्द्र व्यावस्थापक/वाह्य केन्द्र व्यवस्थापक को 18 फरवरी से दो पॉलियों में होने वाली हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की परीक्षा को सकुशल एवं नकल विहीन सम्पन्न कराने का निर्देश दिया। उन्होने बताया कि जिले में हाई स्कूल में लगभग 67 हजार एवं इण्टरमीडियएट में लगभग 70 हजार कुल लगभग-1.37 लाख परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मलित होगें। परीक्षा के लिए 196 परीक्षा केन्द्र बनाये गये है। जिसमें 29 अति संवेदनशील, 63 संवेदनशील परीक्षा केन्द्र है। जिसमें 12 जोन, 08 सचल दल एवं 32 सेक्टर मजिस्ट्रेट, में विभक्त किया गया है। सभी परीक्षा केन्द्रो पर एक-एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किये गये है। केन्द्र एवं वाह्य केन्द्र व्यावस्थापक-196 लगाये गये है जो परीक्षा को सम्पन्न कराने मे अपनी भूमिका निभाने के साथ नकल होने की परम्परा को तोड़ते हुए पूरी तत्परता के साथ कार्य करेगे। उन्होने कहा कि मजिस्ट्रेट परीक्षा केन्द्र का उत्तरदायी होता है कही से चूंक होने पर सारी जिम्मेदारी उसी की होती है। इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा के प्रारम्भ से लेकर समाप्ति तक दोनो पॉलियों में पूरा प्रबन्ध सुनिश्चित कर लिया जाये। उन्होने कहा कि परीक्षा केन्द्रो पर नकल कितने तरीको की होती है, इस पर पैनी नजर रखी जाये। विद्यालय परिसर में एक से अधिक रास्ते होने पर उन्हे तत्काल सील करने का निर्देश दिया। परीक्षा केन्द्र के 100-200 मीटर की परिधि में कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति, असलहा किसी भी दशा में उपस्थित न रहें। परीक्षा केन्द्रो पर लाईट, जनरेटर, सीसीटीवी, डीजल, इण्टरनेट कार्ड, की उपलब्धता पूर्व में निरीक्षण कर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। समस्त उपजिलाधिकारी एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा की समाप्ति के बाद एक घन्टे बाद तक परीक्षा केन्द्रो पर उत्तर पुस्तिकाओं के सील बंन्द/मोहर होने से लेकर निर्धारित स्थान पर जमा कराने तक चौकसी बरतेगे। फ्लाईंग स्क्वायर्ड टीम परीक्षा के प्रारम्भ से समाप्ति तक के समय तक चक्रमरण करती रहेगी।पुलिस अधीक्षक डा.ईरज राजा ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका होने पर तत्काल पुलिस बल तथा बनाये गये कन्ट्रोल रूम को सूचित करने का निर्देश दिया। जिला विद्यालय निरीक्षक बताया कि प्रश्नपत्रों के शील्ड बण्डल को राजकीय सिटी इंटर कालेज से स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्रव्यवस्थापक एवं वाह्य केन्द्रव्यवस्थापक द्वारासंयुक्त रूप से प्राप्त करना होगा। प्रश्न-पत्रों के बण्डल प्राप्त होते ही परीक्षार्थियों की कक्षावार एवं विषयवार संख्या के अनुसार प्रश्न पत्रों की संख्या का मिलान करना तथा आवश्यक्ता की स्थिति में अतिरिक्त प्रश्न-पत्रों की मांग निर्धारित प्रारूप पर दिया जायेगा। परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा के दौरान वायस रिकार्डर युक्त सीसी टीवी कैमरा संचालित रहेगा तथा स्ट्रांग रूम 24 घण्टे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रहेगा। बैठक के उपरान्त जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने राजकीय सिटी इण्टर कालेज में बनाये गये मानिटरिंग सेल एवं कन्ट्रोल रूम का स्थलीय निरीक्षण किया। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 दिनेश कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी जिला विद्यालय निरीक्षक समस्त जोनल/सेक्टर मजिस्ट्रेट के अतिरिक्त जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।




