Friday, July 24, 2026

Top 5 This Week

spot_img

अपनी मांगों को लेकर बैंक कर्मियों ने भरी हुंकार

गाजीपुर। दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर केंद्र सरकार द्वारा थोपे गए चारों लेबर कोड, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण और कॉरपोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी को देशव्यापी आम हड़ताल में बैंककर्मियों का आक्रोश रहा। पीएनबी मुख्य शाखा विशेश्वरगंज व यूनियन बैंक गेट पर बड़ी संख्या में एकत्र होकर कर्मचारियों और अधिकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस संयुक्त प्रदर्शन में बैंक कर्मियों, बीमा कर्मियों, आंगनवाड़ी कर्मचारियों तथा विभिन्न श्रमिक संगठनों ने भाग लिया। यूनियन बैंक स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि सरकार की नीतियाँ मेहनतकश कर्मचारियों और आम जनता के हितों के विरुद्ध हैं। श्रमिक विरोधी श्रम संहिताएँ लागू कर श्रमिकों के अधिकार छीने जा रहे हैं तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा संस्थानों का निजीकरण कर रोजगार के अवसरों को समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्थायी रोजगार देने के बजाय ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस एवं जिला मंत्री यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के संयोजक सत्येन्द्र गुप्ता ने कहा कि चारों लेबर कोड मजदूर वर्ग के अधिकारों पर सीधा युद्ध हैं। यह कानून नहीं, बल्कि दशकों के संघर्ष, त्याग और बलिदान पर प्रहार हैं। आठ घंटे कार्यदिवस, नौकरी की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और ट्रेड यूनियन के अधिकारों को खत्म करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि बैंककर्मी अपने अधिकारों की बलि नहीं चढ़ने देंगे और हर अन्याय का मुंहतोड़ जवाब देंगे। उन्होने कहा कि यह संघर्ष समझौते का नहीं, अधिकारों की पुनर्स्थापना का है। हम झुकेंगे नहीं, रुकेंगे नहीं। कमलेश सिंह जिलामंत्री पीएनबी ने कहा कि सरकार की नीतियां कॉरपोरेट मुनाफाखोरी को बढ़ावा देती हैं और कर्मचारियों के भविष्य से खिलवाड़ करती हैं। शुभम सिंह ने कहा कि यदि सरकार ने मजदूर-विरोधी नीतियां वापस नहीं लीं तो आंदोलन को और अधिक व्यापक और राष्ट्रव्यापी स्वरूप दिया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि श्रमिक विरोधी श्रम संहिताओं को तत्काल वापस लिया जाए।बैंकों, एलआईसी एवं जीआईसी में निजीकरण एवं विनिवेश पर रोक लगाई जाए। आईडीबीआई बैंक की बिक्री रोकी जाए तथा बीमा क्षेत्र में 100% एफडीआई बढ़ोतरी को वापस लिया जाए तथा आउटसोर्सिंग एवं ठेका प्रथा समाप्त कर श्रमिकों के शोषण पर रोक लगाई जाए। इस प्रदर्शन में अशोक कुमार, अनिल कुमार, सत्यपाल सिंह, बृजेश कुमार सिंह, रवि यादव, मो तस्सावर, उदयवीर यादव, दिलीप यादव, राजीव शास्त्री, आर.एम. राय,,मो. अफ़ज़ल, चंदन राय, मयंक श्रीवास्तव, राजेश यादव, राजीव कुशवाहा, बैंक आफ इंडिया के जिला मंत्री रामजी, जिला मंत्री जितेंद्र शर्मा आदि सैकड़ो कर्मचारी उपस्थित रहे।

Popular Articles