Friday, May 1, 2026

Top 5 This Week

spot_img

अपने बच्चों को आध्यात्मिक ज्ञान देने के साथ ही उन्हें संस्कारवान बनाएः जिला जज

गाजीपुर। सिद्धपीठ हथियाराम मठ के 26वें पीठाधिपति एवं जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर भवानीनन्दन यति की रामहित यात्रा मनिहारी में समाप्त हुई। नवम्बर माह के प्रथम सप्ताह से चल रही इस धार्मिक यात्रा के दौरान महामंडलेश्वर ने जिले के साथ ही आजमगढ़ और बलिया के अनेक गांवों में रात्रि प्रवास करते हुए पूजन-प्रवचन और गुरु दीक्षा के माध्यम से शिष्य श्रद्धालुओं को धर्मोपदेश देने का काम किया।रामहित यात्रा के समापन के मुख्य अतिथि जिला न्यायाधीश  धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि अपने बच्चों को आध्यात्मिक ज्ञान देने के साथ ही उन्हें संस्कारवान बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को चिकित्सा की जरूरत होती है वह चिकित्सक के पास जाता है और कानूनी सलाह की जरूरत पड़ने पर लोग एडवोकेट के यहां जाते हैं। ठीक वैसे ही अध्यात्म की जरूरत को पूरा करने के लिए व्यक्ति को संत महात्मा की शरण में जाना पड़ता है, जहां व्यक्ति को सद्मार्ग पर चलने की सीख मिलती है। स्वामी भवानीनन्दन यति ने कहा कि आज लोगों का जीवन काफी व्यस्त हो गया है, लेकिन इसमें कुछ समय निकालकर भगवान की पूजा आराधना करना अत्यंत ही श्रेयस्कर है। धरा धाम पर आने के बाद इंसान भगवान को भूल चुका है जो सर्वथा अनुचित है। मानव जीवन में पूजन-अर्चन का काफी महत्व है। ईश्वर वंदना से व्यक्ति के मन का शुद्धिकरण और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मानव जीवन की सार्थकता सिद्ध करते हुए भगवत भजन जैसा उत्तम कार्य करें। जिला जज ने पीठाधिपति के साथ पौधरोपण करके पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। श्रीराम कृपा मानव सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष रामकथा वाचिका आराधना सिंह ने भजन प्रस्तुत किया। समापन में देवरहा बाबा (बिरनो), डा, सीपी सिंह, डा. एके राय, सर्वानंद सिंह झुन्ना, आलोक सिंह, अनिल कुमार सिंह, कल्लू सिंह, शोभनाथ सिंह, बबुआ सिंह, राजकुमार सिंह, चंद्रशेखर सिंह, सुधांशु सिंह, बृजेन्द्र सिंह, डा. दिनेश सिंह, नंदकिशोर सिंह, पिंटू सिंह सहित सैकड़ों नर नारी उपस्थित रहे।

Popular Articles