
गाजीपुर। जिला कांग्रेस कमेटी ने सरजू पांडे पार्क में माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति तोड़े जाने तथा ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट के ध्वस्तीकरण के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया। इसके बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन (जिलाधिकारी) तहसीलदार को सौंपा गया। जिला अध्यक्ष सुनील राम ने कहा कि काशी जैसी पवित्र और ऐतिहासिक नगरी में सुंदरीकरण के नाम पर माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति तोड़ना और मणिकर्णिका घाट को ध्वस्त करना, केवल लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित रूप से इतिहास और आस्था पर किया गया हमला है। भाजपा सरकार धर्म की बात तो करती है, लेकिन उसके संरक्षण में ही धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाने का काम हो रहा है। यह सरकार के दोहरे चरित्र का जीवंत प्रमाण है।पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे एवं एआईसीसी सदस्य रविकांत राय ने कहा कि वाराणसी नगर निगम द्वारा किया गया यह कृत्य अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है। घाट के मलबे में दबी पड़ी मूर्तियों को तत्काल बाहर निकालकर पुनः सम्मानपूर्वक स्थापित किया जाए। इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा एवं पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. मारकंडेय सिंह ने कहा कि भाजपा की करनी और कथनी में हमेशा से अंतर रहा है। यह पार्टी धर्म के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन सत्ता में आते ही उसी धर्म और परंपराओं पर कुठाराघात करती है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में व्यापक जन आंदोलन छेड़ेगी। धरना में बटुक नारायण मिश्रा, चंद्रिका सिंह, ज्ञान प्रकाश सिंह, सुमेर कुशवाहा, महबूब निशा, राम नगीना पांडेय, जेपी. पांडेय, विद्याधर पांडे, सदानंद गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, सुमन चौबे, पुष्पा यादव, सबीबुल हसन, कमलेश्वर प्रसाद शर्मा, अखिलेश यादव, आलोक यादव, पारस, उपाध्यक्ष राजेश उपाध्याय, अवधेश भारती, इंद्रमल यादव, अब्दुल हसन, रईस अहमद, महेंद्र कुशवाहा, देवेंद्र कुमार सिंह, अबू आसिफ, चंद्रशेखर आर्य, राजेश प्रकाश सिंह, संजय सिंह, रमेश चंद्र गुप्ता, गुलबास यादव, रतन तिवारी, राशिद भाई, लखन श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।




