Friday, May 1, 2026

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डीएम ने किया बूथों का निरीक्षण

गाज़ीपुर. जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश कुमार ने रविवार को सदर विधानसभा क्षेत्र के लूदर्स कॉन्वेंट बालिका इंटर कालेज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मतदेय स्थल पर उपस्थित बूथ लेवल ऑफिसरों से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत संचालित कार्यों की जानकारी ली। उन्होने मौजूद लोगों से संवाद कर निर्वाचक नामावली से संबंधित स्थिति जानी।जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) की प्रक्रिया संचालित है, जिसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश में निर्वाचक नामावली का आलेख्य प्रकाशन 06 जनवरी 2026 को किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 11 जनवरी से जिले के सभी बूथों पर बीएलओ ड्राफ्ट मतदाता सूची के साथ उपस्थित हैं, जहां आम नागरिक अपने नाम की जांच कर सकते हैं। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल नहीं है, तो वह फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकता है। फॉर्म-6 ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भरा जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन के लिए वोटर डॉट ईसीआई डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल अथवा वोटर हेल्पलाइन ऐप का उपयोग किया जा सकता है। आवेदन के उपरांत बीएलओ द्वारा नियमानुसार सत्यापन किया जाएगा।अविनाश कुमार ने बताया कि जिन नागरिकों ने पहले से अपना मोबाइल नंबर मतदाता सूची से लिंक कर रखा है, वे वोटर हेल्पलाइन ऐप पर मोबाइल नंबर दर्ज कर परिवार के सभी सदस्यों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में एक साथ देख सकते हैं। जिनका मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, वे भी वोटर डॉट ईसीआई डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल पर जाकर अपना नाम खोज सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सत्यापन के बाद भी नाम सूची में नहीं मिलता है, तो फॉर्म-6 भरना अनिवार्य होगा। फॉर्म भरते समय आवेदक को अपना विवरण प्रस्तुत करना होगा। यदि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं अथवा माता-पिता या दादा-दादी में से किसी का नाम दर्ज रहा हो, तो उसका विवरण देने से सत्यापन प्रक्रिया सरल हो जाती है।जिलाधिकारी ने बताया कि जिन मतदाताओं की फोटो खराब है अथवा जो “नो मैपिंग” की श्रेणी में आते हैं, वे अपने संबंधित बूथ पर उपस्थित बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक सुधार करा सकते हैं। जन्म-तिथि के आधार पर दस्तावेजों की आवश्यकता स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे नागरिकों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 वैध पहचान पत्रों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। 1 जुलाई 1987 के बाद एवं दिसंबर 2004 से पहले जन्मे नागरिकों को स्वयं के साथ माता या पिता में से किसी एक का दस्तावेज देना होगा, जबकि 2004 के बाद जन्मे नागरिकों को स्वयं तथा माता-पिता दोनों के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

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