Thursday, April 30, 2026

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खेती किसानी वैसी नही रह गयी है जैसा कि हमारे पूर्वज करते थेः डीएम

गाजीपुर। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व0. चौधरी चरण सिंह के जन्म दिवस पर किसान सम्मान दिवस का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र में किया गया। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि अब खेती किसानी वैसी नही रह गयी है जैसा कि हमारे पूर्वज करते थे। अब कृषि को व्यवसाय समझ कर किसानों को अधिकतम लाभ दिलाने वाले कृषि से सम्बद्ध विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ना होगा। उन्होने बताया कि किसान परम्परागत खेती धान, गेहू की खेती से आगे नही बढ पा रहे है तो इसका एक मात्र कारण उनका जोखिम मोल लेने की कम क्षमता है। उन्होने ऐसे छोटी जोत वाले किसानों का आहवान किया कि वे कृषक उत्पादक संगठनों से जुडकर एक शसक्त प्लेटफार्म का सहारा और सुविधा पा सकते है। उन्होने कहा कि किसान सौ फिसदी अंक पाने के बावजूद महज इसलिए फेल साबित हो रहा है क्योकि उसके पास उचित बाजार नही है।

उत्पादन करना तो आसान है लेकिन बिक्री के लिए बाजार की सुलभता एवं गारंटी अब सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होने विभिन्न अधिकारियों को निर्देशित करने के साथ-साथ एफपीओ से भी आहवान किया कि वे मिल बैठकर इसका निदान खोजें। मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने कहा कि यहॉ प्रगतिशील किसानों के स्टाल पर जाकर वार्ता करने और सफलता की कहानी जानने-समझने के बाद सहज ही यह विश्वास होता है कि कृषि विकास के क्षेत्र में बहुत से उल्लेखनीय कार्य हुये है। अध्यक्षता कर रही जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने कहा कि उनके अनुकरण से निश्चित ही अन्य किसान भी प्रेरित होकर कुछ नया करने का प्रयत्न करेंगें।

किसान सम्मान समारोह में कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं दुग्ध विकास के क्षेत्र में सर्वोच्च उत्पादकता प्राप्त करने वाले 36 कृषकों को प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र देकर जिलाधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं नगर पालिका अध्यक्ष ने पुरस्कृत गया। जिनमें एफपीओ का सर्वाधिक टर्न ओवर प्राप्त करने वाले रूद्र प्रताप सिंह, औषधीय पौधों की खेती एवं उत्पाद की बिक्री में जिले को पहचान दिलाने वाले रंग बहादुर सिंह, श्री अन्न के विभिन्न उत्पादों एवं विशेष प्रकार की दही की ब्रान्डिंग करने वाले रामधारी सिंह यादव, महिला कृषि उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बनाने वाली अंजू चतुर्वेदी, सेव की खेती के बाद कीवी उत्पादन की ओर अग्रसर एवं प्राकृतिक खेती योजना के कृषक मास्टर ट्रेनर सुनील सिंह कुशवाहा, टीश्यू कल्चर से केले की खेती एवं उसके साथ मसालों की अन्तः फसली खेती करने वाले अनूप राय को भी सम्मानित किया गया।

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