
गाजीपुर। संघ शताब्दी वर्ष के तीसरे चरण में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन बड़ीबाग स्थित कांशीराम आवास में किया गया। कार्यक्रम में अतिथियो ने भारत माता के चित्र पर माल्यापर्ण कर दीप प्रज्जवलित किया। मुख्य वक्ता काशी प्रान्त के प्रचारक रमेश ने कहा कि वसुधैंव्य कुटुम्बकम् की परिकल्पना लिये आज यह हिन्दू सम्मेलन कांशीराम आवास में करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। भगवान श्रीराम ने जहां सारे भेदभाव मिटा कर शबरी के बेर ग्रहण किये, निषादराज को भवसागर पार लगाये, जटायुराज का अन्तिम संस्कार कर मोक्ष प्रदान किया, वही समरता को लेकर आज हिन्दु समाज उठ खड़ा हुआ है। महाकुंम्भ में जिस प्रकार करोड़ो लोगो के भोजन व आवास की व्यस्था के लिए संत समाज उठ खड़ा हुआ था वो सब हमारे हिन्दू भाई और बहनो के लिए किये। जो भी दूसरे पंथ समुदाय को मानने वाले है उनका मूल हिन्दू है।

उन्हे अपने घर वापस आना होगा। ये जो हिन्दु सम्मेलन है हम सबके आत्मीयता, परस्पर बन्धुत्व व प्रेम का एकत्रीकरण है। हम सबमें एकता रहे और हम सब में इसकी अनुभूमि हो, एक रहने में ही भलाई है, एक दूसरे में मेल जोल होने से आपस की भ्रान्तियां दूर होती है। भगवान राम सबके है वो सृष्टि निर्माता है। प्रधानाचार्य कल्पना सिंह ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी उपयोग, कुटुम्भ प्रबोधन, समरसता व नागरिक कतर्व्य पर प्रकाश डाला। साहित्य चेतना समाज के संस्थापक अमरनाथ तिवारी ने संघ शताब्दी वर्ष पर प्रकाश डाला व भुड़कुड़ा मठ के महंत शत्रुघनदास ने बताया कि हमारा संत समाज सनातनी परम्परा का वाहक है जो चिर प्राचीन समय से संत समाज राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने का काम किया है। हमारे यहा कोई उंच नीच के भेदभाव रहित संत परम्परा का निवर्हन पूरे भारत वर्ष में होता रहा है।

इस सम्मेलन में लालसा भारद्वाज, रामदुलार, गोविन्द दास, जिला प्रचारक प्रभात, नगर प्रचारक विक्रम, जिला संचालक जयप्रकाश, नगर संचालक दीनदयाल, चन्द्र कुमार, अंजनी, देवसरन, डीजीसी कृपाशंकर राय, दुर्गेश, संतोष, पूर्व मंत्री विजय मिश्रा, अखिलेश सिंह, विनोद अग्रवाल, पारस राय, सुरेश चन्द्र श्रीवास्तव, रासबिहारी राय, साधना राय, सोनी सिंह, किरण सिंह, सुनिता सिह, रूद्रा पाण्डेय, सरोज कुशवाहा, नीलम राय सहित आदि उपस्थित रहे। संचालन संतोष जायसवाल ने किया।




