
मरदह (गाजीपुर)। बाबा जयगुरुदेव के उत्तराधिकारी एवं जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज महाराज अपनी 83 दिवसीय शाकाहार, सदाचार मद्यनिषेध आध्यात्मिक वैचारिक जन-जागरण यात्रा के साथ शुक्रवार को मरदह ब्लाक के बिजौरा गाँव पहुंचे। उन्होंने कहा कि मनुष्य शरीर अनमोल है। इस शरीर को पाने के लिए देवी देवता तरसते रहते हैं। मानव शरीर जीते जी परमात्मा को पाने के लिए दिया गया है। मनुष्य शरीर में परमात्मा के पास जाने का रास्ता है। उसका भेद सन्त महात्मा ही बता सकते हैं। सतयुग में योग से, त्रेता में यज्ञ से, द्वापर में मूर्ति पूजा से जीव कल्याण हो जाया करता था। कलयुग में नाम योग साधना से जीव भव पार जा सकता है। सत्संग में बाबा जी ने प्रभु-प्राप्ति का सरल से सरल मार्ग ”नामदान“ देकर सुमिरन ध्यान भजन की विधि समझाई और कहा कि बिना भगवान के भजन से कष्ट क्लेश नहीं जायेंगे। शाकाहार और नशामुक्ति के प्रचार की बहुत बड़ी जरूरत है। देश में बढ़ती हिंसा अपराध और कदाचार की घटनाओं के मुख्य कारण यही दो दुर्व्यसन है। यदि इन्हें बन्द कर दिया जाय तो अस्सी प्रतिशत अपराध अपने आप कम हो जायेंगे।उन्होंने चरित्र को मानव धर्म की सबसे बड़ी पूँजी बताया और चरित्र उत्थान, अच्छे संस्कार की शिक्षा, अच्छे समाज के निर्माण पर जोर दिया। कहा कि सत्संग से लोगों में जागृति आती है। विवेक जगता है। बुराईयाँ दूर होती हैं। मनुष्य और समाज का सुधार होता है। इस अवसर पर प्रभाचन्द यादव, जंग बहादुर सिंह, नरेन्द्र चौहान, मनबोध सिंह, भरत यादव, सर्वजीत बनवासी, कन्हैया यादव आदि सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।




