
जमानियां (गाजीपुर) ।चंदौली के नगवा बांध से चार दिन पूर्व यूपी -बिहार का विभाजन करने वाली कर्मनाशा नदी में पानी छोड़ने से तटवर्ती गांवों में फसल डूबने से किसानों की कमर टूट गई है।यूपी बिहार को जाने वाले मार्ग पर पानी होने से ट्रैक्टर के माध्यम से आवागमन हो रहा है।हालांकि प्रभावित गांवों में तहसील प्रशासन की ओर से अब तक कोई राहत सामग्री नहीं वितरित किया। चंदौली के नगवा बांध से पानी छोड़ने से कर्मनाशा ने भी अपना रौद्र रूप दिखा दिया।तटवर्ती गांव रायपुर,धुस्का,दाउदपुर,गायघाट,ढेहुणी,रोहुणा,करमहरी,केशरूवा,सिहानी सहित अन्य गांव प्रभावित है।कर्मनाशा नदी के किनारे बसा केशरूवा गांव तो पानी से घिर गया है।मुख्य मार्ग पर पानी भरने से नाव के सहारे लोग आवागमन कर रहे है।करमहरी गांव से आगे बिहार के कैमूर जनपद को जाने वाले मार्ग पर पानी होने से ट्रैक्टर ट्राली में बाईक व साईकिल लाद कर आ जा रहे है।गायघाट गांव में भी मुख्य सड़क पर पानी भरा हुआ है।रोहुणा गांव में भी पानी सड़को पर फैला हुआ है।रायपुर,ढेहुढी ,धुस्का,गांव में भी पानी सड़क से नीचे उतर रहा है।रोहुणा गांव के किसान राधेश्याम प्रजापति, रमाशंकर कुशवाहा, भुपाल व विनोद पांडेय ने कहा कि पानी से फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई है।लगभग 300 बीघा धान की फसल डूब गई है।वही तहसीलदार रामनारायन वर्मा ने बताया कि कर्मनाशा नदी के पानी से आबादी प्रभावित नहीं है।इससे राहत सामग्री का वितरण नहीं हुआ है।पानी घटाव पर है।इसके बाद बर्बाद फसलों का आकलन किया जाएगा।




