Tuesday, April 28, 2026

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सपा प्रतिनिधि मंडल ने पीडित परिवार को पांच लाख का चेक सौपा

गाजीपुर। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव के निर्देश पर मंगलवार को सपा का चार सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल पुलिस सुरक्षा के बीच करंडा के कटरीया गांव में पीड़ित परिवार सियाराम शर्मा व उनकी पत्नी से मिलने पहुंचा। जिले में निषेधाज्ञा लागू होने के कारण पुलिस प्रशासन ने कटरिया गांव को छावनी में तब्दील कर दिया था। गांव के प्रमुख सड़क पर वैरिकेटिंग कर दिया था। जिससे कोई भी बिना पूछे बाहरी व्यक्ति गांव में नहीं जा सकता था। गांव में शांति का माहौल था।पुलिस प्रशासन ने पीड़ित माता पिता को कटरिया गांव के पंचायत भवन बुलाया। वहां सपा के प्रतिनिधि मंडल के अगुवा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा, सदर विधायक जैकिशन साहू, महिला सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर और महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव रीता विश्वकर्मा वहां पहुंची। प्रतिनिधि मंडल ने निशा के माता-पिता से मिलकर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का शोक संदेश और पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद दिये। परिजनो से जानकारी लेकर प्रतिनिधि मंडल वापस सपा कार्यालय पर लौट गया। इससे पहले प्रशासन ने सपा कार्यालय से ही प्रतिनिधि मंडल को सुरक्षा के साथ कटरिया गांव लेकर पहुंचा था। गांव में डीआईजी वैभव कृष्ण, एसपी डा.ईरज राजा तथा जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला भी मौजूद रहे। इसके बाद सपा कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत पूर्व कैबिनेट मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने बताया कि पीड़ित परिजनों ने प्रतिनिधि मंडल से न्याय की गुहार लगाई और दोषियों के खिलाफ उचित न्यायिक कारवाई की मांग किया।प्रतिनिधि मंडल ने वहां मौजूद डीआईजी और पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी से निर्दोष पार्टी के कार्यकर्ताओं पर लगे मुकदमा वापस लेने और जेल भेजे गए पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जेल से रिहा करने और वास्तविक रूप से प्रतिनिधि मंडल पर पत्थरबाजी करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग किया है।उन्होंने अखिलेश के आगमन से संबंधित सवाल के जवाब में बताया कि आज हमलोग अखिलेश को रिपोर्ट सौंपेंगे। उसके बाद अखिलेश आने  या न आने का फैसला लेंगे। लेकिन हां यह जरूर है कि अखिलेश पीड़ित परिजनों से एक बार मिलेंगे जरूर यह निश्चित है। उन्होंने कहा इस मामले में सच को छिपाया और दोषियों को बचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एफआईआर देर से दर्ज किया जाना और दोषियों की तत्काल गिरफ्तार न किया जाना तमाम आशंकाओं को जन्म देता है। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश का कार्यक्रम कटरिया गांव के लिए लगा तब सरकार जगी है और सच्चाई को छिपाने के लिए उसने पीड़ित परिजनों पर दबाव बनाया और बयान बदलने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर इसी जिले के जहूराबाद विधानसभा के विधायक और मंत्री है लेकिन उनको पीड़ित परिजनों के पास पहुंचने में दस दिन लग गये। यदि उनके अंदर पीड़ित परिजनों के प्रति दुख होता तो तत्काल पीड़ित परिजनों से मुलाकात की होती।

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