
गाजीपुर। साहित्य चेतना समाज’ की ओर से रामरती मैरेज हॉल’ जंगीपुर में काव्य-गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथिद्वय ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण-पुष्पार्चन व दीप प्रज्वलन से हुआ। जंगीपुर इकाई के संयोजक विद्युत प्रकाश एवं मित्र मण्डली परिवार के संयोजक राजेश वर्मा ने अतिथियों का अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न देकर सममानित किया। गोष्ठी का शुभारंभ कवि कामेश्वर द्विवेदी की वाणी-वंदना से हुआ। इसके बाद भारत डायलॉग के संस्थापकद्वय विवेक सत्यमित्रम् व पूजा प्रियवंदा ने बताया कि आठ और नौ नवम्बर को लंका मैदान में ‘गाजीपुर लिटरेचर फेस्टिवल’ का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देश विदेश की विभिन्न क्षेत्रों के नामचीन लोग आ रहे हैं।साहित्य चेतना समाज भी इसमें सहयोगी संस्था के रूप में जुड़ी है। नवगीतकार डा.अक्षय पाण्डेय ने ” एक पल तू/गीत जैसा मन बना ले/संग मेरे गुनगुना ले/वक्त की ख़ामोशीयां छॅंट जाऍंगी” सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कुमार नागेश ने “ना मज़हब कोई/ना कोई कुनबा अपना/अमन की बात पे/अपना ईमान रखते हैं”। शायर बादशाह राही ने अपनी ग़ज़ल “वो लोग कर रहे हैं शऊरो अदब की बात/शोहर बटोरते हैं जो किरदार बेच कर” महाकाव्यकार कामेश्वर द्विवेदी ने “भेद मिटे मानव-मानव का समता का आधान चाहिए/खण्डित हो दीवार घृणा की दिव्य प्रेम का गान चाहिए। गीतकार हरिशंकर पाण्डेय ने “रिश्तन में आगि लागल,स्वारथ बा पग-पग जागल/साला-साली,साढ़ू बस प्रीति निभवइया राम” सुनाकर वाहवाही लूटी। दिनेशचन्द्र शर्मा ने “शहीदों के चिराग़ को गुलशन से नहीं बुझने देंगे/स्वतंत्रता की कश्ती को हरगिज़ डूबने नहीं देंगे” मजाहिया शायर हन्टर ग़ाज़ीपुरी ने अपनी हास्य कविता “इस बुढ़ौती में मुहब्बत का मजा क्या आएगा/कुछ नज़र आता नहीं चश्मा उतर जाने के बाद” से श्रोताओं को हॅंसा कर लोटपोट कर दिया। संगोष्ठी में साहित्य चेतना समाज के संस्थापक अमरनाथ तिवारी ‘अमर’, आशुतोष श्रीवास्तव,कवि कन्हैया लाल , डॉ. शशांक शेखर पाण्डेय, पूर्व चेयरमैन लालजी गुप्ता,पूर्व ब्लाक प्रमुख सुभाष चंद्र गुप्ता,उप चेयरमैन जिला सहकारी बैंक अच्छेलाल गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा अ.मो.शैलेश कुमार,सचिव प्रभाकर त्रिपाठी,विद्युत प्रकाश,राजेश वर्मा,गंगा विशुन यादव ,अंकित गुप्ता,मनीष गुप्ता,नीरज वर्मा,अरविंद कन्नौजिया ,राज गुप्ता आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता डा. हरिश्चन्द्र सिंह कुशवाहा एवं संचालन डा.अक्षय पाण्डेय ने किया।




