Wednesday, April 29, 2026

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दो दिवसीय सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम का आयोजन

गाजीपुर। सांस्कृतिक संध्या का आयोजन इंसाफ फाउंडेशन की ओर से संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से जलसा गार्डेन बबेड़ी में दो दिवसीय 13 व 14 सितंबर को किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार सोनी ने दीप प्रज्वलित कर की ।दो दिवसीय सांस्कृतिक संध्या के प्रथम दिन कार्यक्रम का शुभारंभ लोकगीत गायक रामबचन यादव ने राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सदभाव पर आधारित लोकगीतों के गायन से की। संजय कुमार सोनी कहा कि भारत एक ऐसा देश है जो विविधताओं का देश कहलाता है। यहां अनेक धर्म ,जातियां ,भाषाएं एवं संस्कृतियां मोती के समान आपस में मिलकर एक सुंदर माला का निर्माण करती हैं ।इस माला की सबसे मजबूत डोरी है ।राष्ट्रीय एकता एवं सदभाव सब लोग अपने-अपने धर्म का सम्मान करते हुए दूसरे की धर्म की भी इज्जत करते है एवं मिल- जूल कर रहते हैं और एक दूसरे के त्योहारों में भाग लेते हैं ।तभी एक लोकतंत्र फलता एवं फूलता है । उन्होने कहा कि सांप्रदायिक सदभाव का राष्ट्रीय एकता के साथ समाज को एक साथ बांधने वाले सामाजिक बंधन को मजबूत करता है राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने में मदद करता है। भारत का संविधान धर्मनिरपेक्ष है और धर्म के स्वतंत्रता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित करता है । जनकल्याण परिषद के अध्यक्ष सूर्यनाथ सिंह ने सांप्रदायिक सदभाव का अर्थ विभिन्न धर्मों जातियों लिंगो और अन्य पृष्ठ भूमियों के लोगों के बीच शांतिपूर्ण उत्सव अस्तित्व और सौहार्द से किया है ।यह समाज के एकता और आपसी सम्मान को बढ़ावा देता है । विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री सुधीर यादव ने कहा कि सांप्रदायिक सद्भावना हमारे देश की पहचान है ।और मौजूदा समय में इसे बनाए रखना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए, जब भी सांप्रदायिक हिंसा बढ़ती है तो इससे न केवल अनेक परिवारों की क्षति होती है, बल्कि पूरे समाज और देश की क्षति होती है। इंसानियत की मूल भावना को भी आहत होती है। सदर विधायक जैकिशन साहू जी कहा कि किसी भी प्रकार राष्ट्रीय नागरिकों के बीच पाई जाने वाली एकता ,समरसता और एक जूटता की भावना से ही राष्ट्रीय एकता को बल मिलता है। जिससे लोग अपनी धर्म- जाति ,भाषा और संस्कृति जैसे मतभेदो को भूल कर स्वयं एक राष्ट्र का हिस्सा समझते हैं जो राष्ट्र के प्रति प्रेम और अपनत्व की भावना को बढ़ावा देती है। ।और राष्ट्रीय को मजबूती एवं विकास के आधार बनती है। कार्यक्रम के दूसरे दिन भोजपुरी के शेक्सपियर कहे जाने वाले लेखक भिखारी ठाकुर के बहुत चर्चित नाटक बेटी वियोग उर्फ बेटी बेचवा नाटक का प्रस्तुतीकरण सहज सरल व स्थानीय भाषा ,स्थानीय कलाकारों द्वारा सामूहिक रूप से किया गया। जिसमें कलाकारों के नाम इस प्रकार हैं – टिंकल गुप्ता, राहुल चौरसिया, शिवम कृष्ण ,तुषार पांडे ,रितिक ,अभिमन्यु , प्रीतम ,खुशी भाग्यलक्ष्मी, शैलेंद्र शर्मा ,सुभाष जी, रिया वर्मा ,आदि लोगों ने भाग लिया। इस नाटक का निर्देशक आशीष त्रिवेदी ने किया। नेहरू युवा केंद्र से सुभाष चंद्र प्रसाद, मुन्ना भारती, राजेंद्र यादव ,महेंद्र मिश्रा, राजीव मिश्रा, संजय भास्कर, शिवकुमार यादव ,सियाराम यादव, प्रमोद यादव , ग्राम प्रधान संजय यादव, ग्राम प्रधान गुरु प्रताप,रेशमी देवी, अमली देवी ,विद्या देवी , पूनम गुड़िया आकांक्षा,सरिता आदि उपस्थित रहे।

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