Thursday, April 30, 2026

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घर को बनाना स्वर्ग और घर वालों को स्वर्गवासी

गाजीपुर। साहित्य चेतना समाज’ की ओर से चेतना प्रवाह’ कार्यक्रम के तहत गाजीपुर गौरव सम्मान’ से सम्मानित कवि हरिनारायण ‘हरीश’ के आवास पर उनके 80 वें जन्मदिवस पर ‘सरस काव्यगोष्ठी’ का आयोजन किया गया। हरीश जी को माल्यार्पण कर एवं अंगवस्त्रम् प्रदान कर सम्मानित किया गया।इसके बाद संजय पाण्डेय एवं प्रभाकर त्रिपाठी ने अपने सांगीतिक अनुगायन से अवसर को और सुन्दर बना दिया। युवा नवगीतकार डॉ.अक्षय पाण्डेय ने हरीश जी के अवदान को रेखांकित करते हुए कहा कि “यदि डॉ.पी.एन.सिंह ने अपने समय-समाज को अकादमिक-संस्कार दिया है तो कवि हरीश ने अपने उत्कृष्ट संचालन के द्वारा भारतीय मंचों को एक श्रेष्ठ काव्यात्मक-संस्कार दिया है।” कवि प्रभात रघुवंशी ने अपनी ग़ज़ल “हद से ज्यादा भरोसा हो ख़ुद पर जिन्हें/ऐसे लोगों का कोई भरोसा नहीं” सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। युवा व्यंग्य-कवि आशुतोष श्रीवास्तव ने”मेरे घर में सभी लायक थे/सो पढ़-लिख सभी विदेश चले गए/घर में मैं ही नालायक था/सो बूढ़े मां-बाप मेरे हिस्से आ गए”प्रस्तुत कर सोचने पर बाध्य किया।युवा ग़ज़लगो गोपाल गौरव ने अपनी ग़ज़ल -“पूनम का सुधाकर तेरे घर बरसे सुधारस/दिन जन्म मुबारक हो, दिन जन्म मुबारक” सुनाकर अतीव प्रशंसा अर्जित की। साहित्य चेतना समाज’ के संस्थापक अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ ने कहा कि -“अपनी कविताओं के द्वारा यशार्जन के साथ ही आदरणीय हरीश जी ने हिन्दी-कवि-मंचों को संचालक के रूप में एक सात्विक संस्कार दिया। हमारी संस्था, हरीश जी जैसे महनीय साहित्यिक व्यक्तित्व को ‘गाजीपुर गौरव सम्मान’ प्रदान कर स्वयं गौरवान्वित हुई।” साथ ही अपनी व्यंग्य कविता -“बनकर रहना अपने पति के चरणों की दासी/घर को बनाना स्वर्गऔर घर वालों को स्वर्गवासी”सुनाकर श्रोताओं को ताली बजाने के लिए मजबूर कर दिया। दिनेशचन्द्र शर्मा ने जब भी दिलो-दिमाग में साहित्य के प्रति नफ़रत की दीवार खड़ी हो तो/हरीश जी के विचारों को याद करें”। इस कार्यक्रम के केन्द्रीय व्यक्तित्व हरिनारायण ‘हरीश’ ने अपने जीवन के अविस्मरणीय साहित्यिक संस्मरणों को सुनाते हुए अपनी चर्चित ग़ज़ल – “मत लिखो अब हास की परिहास की बातें/अब लिखो कुछ भूख की कुछ प्यास की बातें।”  अन्त में समस्त स्वजन-परिजन के साथ ही उपस्थित कवियों ने कवि हरीश को निरामय जीवन जीते हुए शतायु होने की मंगलकामना के साथ ही जन्मदिन की अशेष बधाई दी। इस मौके पर कुमार नागेश ,राघवेन्द्र ओझा,मंजु हरीश,स्मिता,अविराज,सरिता,अनामिका, अक्षिता,रक्षिता,अनुराग आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता कुमार नागेश एवं संचालन डॉ.अक्षय पाण्डेय ने किया।अन्त में संस्था के संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी ने समस्त सहभागी कवि गण एवं आगन्तुक श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

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