Thursday, April 30, 2026

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पं. विश्वनाथ शर्मा की मनाई गई 64वीं पुण्यतिथि

गाजीपुर। जिला पंचायत सभागार में रेवतीपुर निवासी स्व० पं० विश्वनाथ शर्मा की 64वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस आयोजन के प्रेरणाश्रोत स्व० विश्वनाथ शर्मा के सुपुत्र स्वo विश्व विमोहन शर्मा थे, जो गाजीपुर के गांधीयुग के स्वतंत्रता आंदोलन के ख्यातिलब्ध इतिहास ज्ञाता रहे है। जिसमें उनका भौतिक योगदान नहीं रहा, परन्तु प्रेरक उपस्थिति हर क्षण मौजूद रही । आयोजन के विषय का प्रवर्तन युवा बौद्धिक एवं साहित्यकार माधव कृष्ण ने किया । कांग्रेस नेता रविकान्त राय ने शर्मा जी से प्रेरणा ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया। प्रधानाचार्य छविनाथ मिश्र ने समस्त प्रधानाचार्यो की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित किया । शिक्षक संघ के प्रान्तीय नेता चौधरी दिनेश चन्द्र राय ने राजनीति में शुचिता और पवित्रता की बात की। अर्थशास्त्री श्रीकान्त पाण्डेय ने कहा कि स्व० विश्वनाथ शर्मा गाजीपुर में गांधी की तरह स्वतंत्रता आन्दोलन के निर्विवादित प्रतीक पुरूष थे। विजय शंकर राय ने शर्मा जी के मूल्यों एवं उसूलों की सराहना की । प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रान्तीय नेता दिनेश यादव ने कहा कि शर्मा जी और उनका परिवार आजादी के मूल्यों पर चलने वाला था । आज का दौर अलग है। राधामोहन राय ने लोगों से शर्मा जी को समर्पित किसी स्मारक की मांग की।नगर पालिका अध्यक्षा सरिता अग्रवाल आजादी के आन्दोलन पर प्रकाश डालते हुये इस आन्दोलन में शर्मा जी के योगदान पर चर्चा की। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुनील राम ने स्वतंत्रता आन्दोलन में गांधी जी के साथ स्व० शर्मा जी की तुलना करते हुए स्व० विश्वनाथ शर्मा को गाजीपुर का गांधी बताया। भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश राय ने कहा कि हमें शर्मा जी के नैतिक मूल्यों के जानकर अपना-अपना मूल्यांकन करना चाहिए। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्ण बिहारी राय ने स्वाधीनता संग्राम के भूले बिसरे लोगो को खोजने और सजोने की बात की। मुख्य अतिथि पारसनाथ राय ने कहा कि स्व० शर्मा जी हमारे समय और समाज के लिए आलोक स्तम्भ है, जिनसे हमारा समाज प्रकाशित होता है। अध्यक्षीय उद्बोधन में डा० मान्धता राय ने स्व० शर्मा जी के राजनैतिक, सामाजिक और नैतिक जीवन पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्व० विश्वनाथ शर्मा सर्वप्रिय नेता थे। कार्यक्रम में बृजेश शर्मा, भोला यादव, भगवती राय, वीर बहादुर सिंह, नीरज राय, किशन राय, सरजू यादव, अम्बरीश सिंह, भूषण राय, दिनेश यादव, आकाश सिंह उपस्थित रहे । अध्यक्षता साहित्यकार डा० मान्धाता राय तथा संचालन डा० व्यासमुनि राय ने किया।

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