
गाजीपुर।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संगठन समिति की ओर से राष्ट्रव्यापी सांकेतिक हड़ताल के मद्देनजर विद्युत कर्मियों ने हुंकार भरी। विद्युत मजदूर पंचायत के प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण होने से विद्युत कर्मियों का भविष्य अधर में लटक जाएगा। विद्युत कर्मी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और किसी कीमत पर निजीकरण नहीं होने देंगे। इसके बाद भी सरकार निजीकरण की कार्रवाई जबरदस्ती करेगी तो गाजीपुर के विद्युत कर्मी जेल भरो आंदोलन करेंगे ।निजीकरण नहीं होने देगें। जूनियर इंजीनियर संगठन के जिला अध्यक्ष मिथिलेश यादव ने कहा कि निजीकरण होने से विद्युत कर्मियों का भविष्य तो अधर में जाएगा लेकिन साथ ही साथ बिजली का दर 13 से 15 रुपये प्रति यूनिट हो जाएगा। जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। आम जनता को भी निजीकरण होने से नुकसान का एहसास होगा लेकिन कहीं ऐसा ना हो कि तब तक देर हो जाए। इसलिए आम जनमानस को भी इस निजीकरण का विरोध करना चाहिए। शशीकांत मौर्य ने कहा कि सभी विद्युत कर्मी एकजुट होकर निजीकरण का विरोध कर रहे हैं और निजीकरण किसी कीमत पर नहीं होने देंगे। सभा में सुनील कुशवाहा, शशिकांत कुशवाहा, राजेश गुप्ता, चंद्रहास कुशवाहा, सिकंदर रजा, महेंद्र कुमार, प्रदीप राय, कैलाश यादव, भानु कुशवाहा, अनुराग सिंह, इंजीनियर इंद्रजीत पटेल, इंजीनियर रामप्रवेश मौर्य, इंजीनियर राजीव गुप्ता, अश्वनी सिंह, अजय विश्वकर्मा, हरदेव, सुनील मौर्य, अरविंद कुमार, सुनील, अरविंद राज, प्रमोद कुशवाहा आदि लोगों ने संबोधित किया। अध्यक्षता अरविंद श्रीवास्तव एवं संचालन निर्भय नारायण सिंह ने किया।




