
गाज़ीपुर । अति प्राचीन रामलीला कमेटी के तत्वावधान में हरिशंकरी स्थित प्राचीन राम चबूतरे पर होली मिलन एवं काव्य संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु श्रीराम के पूजन-अर्चन से हुई। तत्पश्चात कवियों ने अपनी हास्य, व्यंग्य और श्रृंगार रस से भरपूर रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि भूषण त्यागी ने ओजस्वी रचना “है अंधेरा घना रौशनी चाहिए…” सुनाकर राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की।कवि फजीहत गहमरी की रचना “मन मीरा सूर तुलसी में बसाने लगा हूँ, पर श्रोताओं ने खूब तालियां बजाई।कवि हेमंत निर्भीक की देशभक्ति से ओत-प्रोत कविता “तिरंगे में लिपट मां देख तेरा लाल आया है, ने सभी को भावुक कर दिया।कवि मुन्ना मवाली की भोजपुरी व्यंग्य रचना “जेकरा घर में मुर्गा मछरी दारू के रोज पारन होई, ने खूब सराहना बटोरी।कवयित्री विभा सिंह ने “वनवास जब से खत्म हुआ मेरे राम का,रचना से श्रद्धा और भक्ति का संचार किया।सतना से पधारे कवि रवि चतुर्वेदी ने अपनी रचना “हिंदी में इंग्लिश का पर्चा अजब बात है बाबूजी, से समाज और राजनीति पर करारा व्यंग्य किया। संचालन कवि रवि चतुर्वेदी ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय उपस्थित रहे।

होली मिलन समारोह में आयोजक कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह, गोपाल पाण्डेय, अशोक अग्रवाल, रोहित अग्रवाल, अनुज अग्रवाल, राजेश प्रसाद, मयंक तिवारी, मनोज तिवारी, वरूण अग्रवाल, नरसिंह पाण्डेय, ओम प्रकाश पाण्डेय, अजय पाठक, राजेन्द्र विक्रम सिंह, सभासद संदीप श्रीवास्तव, सरदार चरणजीत सिंह, असित सेठ, कमलेश सिंह लाला, विशाल पांडेय, अन्नू पांडेय, श्रीमती संज्ञा तिवारी, श्रीमती किरण सिंह, विजयशंकर, सुल्तान नाहिद खान, के साथ अति प्राचीन रामलीला कमेटी के पदाधिकारी, सदस्य उपस्थित रहे।




