
गाजीपुर। फॉर्मर रजिस्ट्री (किसान आईडी) के लिए विशेष अभियान के तहत सीडीओ संतोष कुमार वैश्य ने प्रेसवार्ता के दौरान ने बताया कि जिले में 571518 किसान पंजीकृत है। जिनमें से कल रात तक 442482 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अर्थात किसान पहचान पत्र बना दिए गये थे, जो 77.45 प्रतिशत है। अभी भी 129036 कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री बनाया जाना बाकी है। शासन के निर्देश पर 6 अप्रैल, से सभी ग्राम पंचायतों में कैम्प लगाकर किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य मौके पर ही किया जा रहा है। 08 अप्रैल, के शासनादेश के अनुसार अब सभी किसान चाहे वह पीएम किसान के लाभार्थी हो अथवा नहीं, सभी की फार्मर रजिस्ट्री बनाया जा रहा है। किसानों को उर्वरक, बीज, कृषि रक्षा रसायन, कृषि यंत्र, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, पी०एम० किसान की अगली किश्त तथा कृषि से सम्बद्ध अन्य विभाग जैसे- उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, लघु सिंचाई, गन्ना, दुग्ध तथा अन्य विभागों की लाभार्थीपरक योजनाओं का लाभ फार्मर रजिस्ट्री होने पर ही दिया जाएगा। 06 अप्रैल से प्रारम्भ फार्मर रजिस्ट्री के विशेष अभियान में अब तक 50,000 से अधिक कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री बनाई जा चुकी है। यह कार्य सभी ग्राम पंचायत में कैम्पों के माध्यम से तथा सभी सहज जनसेवा केन्द्र पर बनवाया जा सकता है। किसान स्वयं भी मोबाइल एप को डाउनलोड करके अपनी फार्मर रजिस्ट्री बना सकता है। किसान अपना मोबाईल, आधार कार्ड एवं खतौनी लेकर नजदीकी जन सुविधा केन्द्र अथवा अपने गाँव के कैम्प में पहुंच कर फार्मर रजिस्ट्री बनवायें। गाँव एवं कैम्पों के निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि किसान फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया के दौरान उनके मोबाईल पर आई ओटीपी को लेखपाल, पंचायत सहायक/ सचिव, कृषि विभाग के कर्मचारी अथवा सहज जनसेवा केन्द्र के संचालक को बताने में झिझक रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों को स्वयं अपनी उपस्थिति में ओटीपी बताने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए क्योंकि वह उनका ही कार्य कर रहे हैं। कोई आशंका होने पर अपने ग्राम प्रधान, कोटेदार, लेखपाल, पंचायत सचिव, पंचायत सहायक अथवा कृषि विभाग के कर्मचारी से किसान भाई सम्पर्क कर सकते हैं।




