Saturday, July 25, 2026

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प्रधानों के अधिकार समाप्त कर दिए गए तो विकास कार्यों पर असर पड़ेगाः मदन

गाजीपुर। प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इन दिनों अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने जा रहा है, लेकिन अब तक न तो आरक्षण प्रक्रिया का कोई नोटिफिकेशन जारी हुआ है और न ही परिसीमन की स्थिति स्पष्ट हो सकी । ऐसे में चुनाव समय पर कराए जाने को लेकर संशय बना हुआ है। जिससे ग्राम प्रधानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।सूत्रों के मुताबिक, अब यह भी चर्चा तेज हो गई है कि पंचायत चुनाव वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद कराए जा सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो वर्तमान प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम पंचायतों का प्रशासनिक नियंत्रण अधिकारियों के हाथ में चला जाएगा। जिससे जनप्रतिनिधियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को सरजू पांडेय पार्क में जिले के प्रधान संघ ने अपनी मांगों को लेकर बैठक कर अपनी रणनीति बनाई। इसके बाद सभी प्रधान नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे।प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष  मदन सिंह यादव के साथ प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि अन्य राज्यों जैसे राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासनिक अधिकार उनके पास ही बनाए रखे जाएं या कार्यकाल को बढ़ाया जाए।

प्रधानों का कहना है कि यदि उनके अधिकार समाप्त कर दिए गए, तो विकास कार्यों पर असर पड़ेगा और जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है ताकि ग्राम स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे।जिलाधिकारी ने प्रधानों को आश्वासन दिया कि उनके ज्ञापन को शासन स्तर तक भेजा जाएगा और इस पर उचित विचार किया जाएगा। इस मौके पर अध्यक्ष सैदपुर रजाई यादव, मुहम्मदाबाद के अध्यक्ष बृजलाल यादव, करंडा अध्यक्ष मोती यादव, मरदह अध्यक्ष राधेश्याम यादव, जमानियां अध्यक्ष रामानंद यादव, बलवंत सिंह गहमरी, सुभाष यादव, सुदर्शन कुशवाहा, सिराज खान, जितेंद्र कुमार, रमेश यादव, कृष्णानंद, संजय यादव, हस्नु बानो, राजेश बनवासी, जयप्रकाश यादव, गोपाल पासी, श्याम नारायण यादव, अनिल प्रकाश, हरिदास यादव, मनोज यादव, कुंवर बहादुर, लालमणि, रमेश पासवान, राम अवध भारद्वाज, छागुर यादव, शोएब अली, भुवन राम,  जितेंद्र कुमार, डॉ श्याम चरण, राम राज यादव, मनोज यादव, हरिवंश राम, राम प्रसाद ,भोला यादव, सिराज खान, सोनू यादव, कुंवर बहादुर, रमेश पासवान आदि सैकड़ो प्रधान उपस्थित थे।

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