
गाजीपुर। ‘साहित्य चेतना समाज’ की ओर से विश्व हिन्दू परिषद्’ के जिलाध्यक्ष विनोद उपाध्याय के आयोजन में डेढ़गावां स्थित मैरेज हाल’ में काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया।। मुख्य अतिथि सच्चिदानन्द राय ‘चाचा’ रहे। गोष्ठी का शुभारम्भ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप-प्रज्वलन कर किया गया।आयोजक विनोद उपाध्याय ने कवियों का स्वागत अंगवस्त्र के साथ माल्यार्पण कर किया। युवा शायर गोपाल गौरव ने अपनी ग़ज़ल “प्यार ही बस प्यार हो ऐसी कोई तरकीब कर/गोलिया बारूद मत रख आदमी के वास्ते” सुना कर खूब वाहवाही लूटी। आशुतोष श्रीवास्तव ने अपनी व्यंग्य-कविता “वो इंसान था या काग़ज़ का पुलिंदा/राशनकार्ड में मर गया/आधार में था ज़िन्दा” सुना कर सोचने पर मजबूर किया। युवा नवगीतकार डा अक्षय पाण्डेय ने नाउम्मीदी में भी हम उम्मीदें पाले हैं/आने वाले हैं, अच्छे दिन आने वाले हैं।संस्था के संस्थापक एवं वरिष्ठ व्यंग्यकार अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ ने “गली में नेताजी का शव पड़ा है/उनकी अन्त्येष्टि में सहयोग कीजिए/और दस रुपए का चन्दा दीजिए” खूब प्रशंसित हुई। भोजपुरी एवं हिन्दी के गीतकार हरिशंकर पाण्डेय ने भोजपुरी गीत “अवते पतोहिया चली गइली विदेशवा/बूढ़ा-बूढ़ी झनखत बाड़ें बइठि के दुअरिया राम” प्रस्तुत कर ख़ूब तालियां बटोरी। मिथिलेश गहमरी ने आये हैं बुझाने के लिए आग,मगर लोग/पानी की जगह हाथ में पेट्रोल लिये हैं” सन्तोष तिवारी ‘कौशिल’ की ग़ज़ल “ये माना तुम्हें भी कमाने बहुत हैं/शहर में तुम्हारे ठिकाने बहुत हैं” । वीर रस के वरिष्ठ कवि दिनेशचन्द्र शर्मा ने “लेगा ज़माना खून के एक-एक बूंद का बदला/कातिल को कत्लेआम से थकने तो दीजिए” सुनाकर श्रोताओं में जोश भर दिया। इस मौके पर कुमार नागेश ,कामेश्वर द्विवेदी ,कुमार शैलेन्द्र , विनय राय ‘बबुरंग’ ,चिदाकाश ‘मुखर’ एवं शुभम् शर्मा, विपिन बिहारी राय, प्रभाकर त्रिपाठी, राघवेन्द्र ओझा, आशुतोष पाण्डेय, कमलाकान्त राय,कवीन्द्र नाथ शर्मा, मृत्युंजय मिश्र,वीरेन्द्र पाण्डेय, वीरेन्द्र राय,बाचाजी,शशिकान्त उपाध्याय, अविनाश उपाध्याय, केदार उपाध्याय, बद्रीनाथ उपाध्याय, सुधाकर पाण्डेय, कैलाश कुशवाहा,संकठा प्रसाद राय,राकेश तिवारी आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता भोजपुरी कवि विनय राय ‘बबुरंग’ तथा संचालन डॉ .अक्षय पाण्डेय एवं मिथिलेश गहमरी ने किया।




