
गाजीपुर। प्रदेश में सरकारी विद्यालयों को बंद करने की नीति के विरोध में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सरजू पांडेय पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। धरने में वक्ताओं ने भाजपा सरकार पर गरीबों और वंचित तबकों के शिक्षा के अधिकार को छीनने के साथ ही स्थानीय समस्याओं की अनदेखी का भी आरोप लगाया। तहसील से गांवों को जोड़ने वाली खस्ताहाल सड़कों को अविलंब सही कराने की भी मांग की। जिलाक्ष्यक्ष सुनील राम ने कहा कि योगी सरकार की मंशा सरकारी शिक्षा व्यवस्था को खत्म कर पूंजीपतियों को बढ़ावा देने की है। उन्होने कहा कि सरकारी स्कूल बंद कर भाजपा सरकार यह साबित कर रही है कि उसे गरीब बच्चों की शिक्षा से कोई सरोकार नहीं है। सुनील राम ने कहा कि नन्दगंज चीनी मिल, बहादुरगंज कताई मिल दशकों से बंद है, जल जीवन मिशन की योजनाओं के नाम पर लूट मची है। सीवर के नाम पर कई सालों से जिला मुख्यालय की सड़कें खस्ताहाल हैं, बिजली और खाद की समस्याओं से जनता और किसान परेशान हैं।पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे एवं शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने कहा ये सरकार गरीब बच्चों की शिक्षा का अधिकार छीन रही है जो गलत है। सरकार महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर रही है। शिक्षा के बाद अब महिलाओं की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। जिसे हम नहीं होने देंगे। पूर्व विधायक पशुपतिनाथ राय एवं पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. मारकंडेय सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूलों की बंदी गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। यह सिर्फ शिक्षा नहीं, सामाजिक न्याय पर भी हमला है, साथ ही स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार चरम पर है। जिसका विरोध भाजपा के लोग भी कर रहे हैं लेकिन भाजपा सरकार मौन है। एआईसीसी रविकांत राय ने भाजपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि गांव-देहात की स्थिति पहले से खराब है। स्कूल बंद कर देना और भी बड़ी मुश्किल खड़ी करेगा। कांग्रेस गांव से लेकर विधानसभा तक इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएगी। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को संबोधित पत्रक जिलाधिकारी के प्रतिनिधि मजिस्ट्रेट को सौंप। प्रदर्शन के दौरान ने चेतावनी दी कि यदि मांगे नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। इस मौके पर अजय सिंह. बटुक नारायण मिश्रा, जनक कुशवाहा, अजय कुमार श्रीवास्तव, चंद्रिका सिंह, राजीव सिंह, हामिद अली, राजेश गुप्ता, विद्याधर पांडेय, छोटेलाल गौतम, हरिओम यादव, डॉक्टर गुड्डू, अरविंद कुमार मिश्रा, डॉ सुमेर कुशवाहा, आशुतोष गुप्ता, अखिलेश यादव, कमलेश्वर प्रसाद, उमाशंकर सिंह, फौजी ज्ञान प्रकाश सिंह, सतीश उपाध्याय, राम नगीना पांडेय, रईस अहमद, शंभू कुशवाहा, ओमप्रकाश पांडेय, विनोद सिंह, सीताराम राय, वीरेंद्र राय, महबूब निशा, राशिद अब्दुल्ला, आशुतोष कुमार सिन्हा, राजेश सिन्हा, ओमप्रकाश पासवान, ओम प्रकाश यादव, कृष्णदेव तिवारी, राजेश उपाध्याय, राघवेंद्र चतुर्वेदी, देवेंद्र सिंह, शशि भूषण राय आदि सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद रहे।




