
गाजीपुर। अपराध नियंत्रण, शांति व कानून व्यवस्था के दृष्टिगत अपर पुलिस महानिदेशक पीयूष मोर्डिया और डीआईजी वैभव कृष्ण ने मंगलवार को पुलिस लाइन में अपराध समीक्षा की। लंबित विवेचनाओं, प्रार्थना पत्रों की समयबद्ध जांच व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सहित गैगस्टर, गुंडा अधिनियम से संबंधित अपराधियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। साथ ही आरटीसी/ जेटीसी बैरक और क्लास रूम निरीक्षण किया। इसके बाद कोतवाली व सभी थानों के ई-मालखाना का उद्घाटन, कार्यालय के जीर्णोद्वार का लोकार्पण और बीट कर्मियों को बीपीओ किट वितरित किया। पुलिस लाइन पहुंचे अपर पुलिस महानिदेशक और डीआईजी ने सलामी गार्द का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया । सैनिक सम्मेलन में अधिकारी/कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने के अलावा निस्तारण का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण में भाग लेने वाले प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों के लिए समुचित आवास, स्वच्छता, पेयजल एवं चिकित्सा संबंधी सुविधाओं की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि थाना स्तर पर आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण कराया जाए। आईजीआरएस व जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त प्रार्थना पत्रों के डिफाल्टर से पूर्व की स्थिति में समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के सभी को निर्देशित किया। कहा कि चोरी नकबजनी संबंधित घटनाओं में क्षेत्राधिकारी भी घटनास्थल का निरीक्षण करें। महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई करें। वाहन चोरी वाले स्थानों को चिन्हित कर आस- पास सीसीटीवी कैमरा लगवाएं। हिस्ट्रीशीटर, टॉप टेन सूची में शामिल अभियुक्तों की निगरानी व उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हो। आमजनों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से जनपद में सटीक व प्रभावशाली पुलिसिंग के लिए आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित एआई – एसपीएस (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – स्मार्ट पुलिसिंग सिस्टम ) का डिमॉन्स्ट्रेशन किया गया। इसके बाद दोनों पुलिस अधिकारी कोतवाली पहुंचे। जहां निरीक्षण करने के बाद जनपद के सभी थानों के ई-मालखाना का उद्घाटन किया। साथ ही कोतवाली में कार्यालय के जीर्णोद्वार का लोकार्पण और बीट कर्मियों को बीपीओ किट वितरित किया। इसमें बीट आरक्षियों की जरूरत की वस्तुएं जैसे डायरी, पेन, मार्कर, मास्क, ग्लव्स, तौलिया/गमछा, फर्स्ट एड बॉक्स, पानी का बोतल, टॉर्च व रेनकोट शामिल है। महिला हेल्प डेस्क व थाना कार्यालय के विभिन्न रजिस्टरों को देख अभिलेखों के रखरखाव, मेस, स्टोररूम व शस्त्रागार आदि का भ्रमण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।




