
गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में जिलास्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। बैठक में सीएचसी भदौरा में आईपीडी की खराब प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एमओवाईसी का वेतन रोकते हुए स्पष्टिकरण का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने डेढ लाख आभा आईडी बनवाने का लक्ष्य दिया है। उन्होने कहा कि अगली बैठक तक सभी आशा के माध्यम से लक्ष्य को पूरा कर लिया जाये। जिलाधिकारी ने सभी एमओवाईसी को निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार का भुगतान पेण्डिंग न रहें तत्काल भुगतान करें। उन्होने कहा कि टीबी मरीजों को सरकारी दवा ही दी जाय एवं जॉच कराने के लिए जागरूक करें। किसी भी मरीज को बाहर की दवा न दी जाय। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि आशा का भुगतान समय से किया जाय तथा समस्त एमओवाईसी तहसीलों पर बीएचएनडी की बैठक करते रहें। जिलाधिकारी ने कहा कि हेल्थ वेलनेस सेन्टर पर आवश्यक दवाओ की उपलब्धता रहे। ओपीडी का संचालन तथा नियमित रूप से सीएचओ एवं एनएएम की उपस्थिति का निर्देश दिया। उन्होने समस्त सीएचसी, पीएचसी पर सीसीटीवी कैमरा का संचालन रिकॉर्डिंग मोड पर रखने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित चिकित्सा अधीक्षको को हेल्थ वेनलेस सेन्टर की क्रियाशीलता बराबर चेक करते रहने का निर्देश दिया। उन्होने जननी सुरक्षा योजनार्न्तगत गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव के सम्बन्ध में जानकारी लेते हुए इस कार्यक्रम के अन्तर्गत महिलाओ को निःशुल्क भोजन तथा दवा एवं ड्राप बैक की सुविधा के साथ-साथ 48 घण्टे रोके जाने के निर्देश दिये।बैठक में जिलाधिकारी ने ओपीडी एवं आईपीडी की समीक्षा, एफआरयू , आरबीएस के कार्यक्रम, दृष्टिहीनता निवारण, एम्बुलेंस सेवाए, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण, ई-कवच, आभा आई डी प्रगति, जननी सुरक्षा योजना, जे0एस0वाई के भुगतान, मातृत्व मृत्यु दर की समीक्षा, परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीकाकरण, क्षय रोग नियंत्रण, कुष्ठ उन्मूलन, प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड, जन्म-मृत्यु पंजीयन, अन्य बिन्दुओ पर समीक्षा की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, मुख्य चिकित्साधिकारी सुनील पाण्डेय, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एनएचएम), समस्त एमओवाईसी एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।




