
गाजीपुर। आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनी संघ के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को खजुरियां स्थित एनएचएम कार्यालय में धरना दिया। साथ ही मांगों के निस्तारण के लिए पत्रक जिला परियोजना प्रबंधक को सौंपा। कार्यकर्ताओं ने चेताया कि अगर जल्द से जल्द मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आशा कार्यकर्ता और संगिनी कार्यों को ठप करके सड़क पर उतरने का काम करेंगी। अध्यक्ष रेनू राज ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनी के सभी बकाये का भुगतान तत्काल किया जाए। प्रत्येक भुगतान की सूची चस्पा की जाए और एक प्रति कलस्टर बैठक के दौरान उपलब्ध कराया जाए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष लैलून खातून ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनी के सभी भुगतान में बाउचर में हर माह कटौती कर दी जा रही है। प्रत्येक माह के पांच तारीख तक बिना कोई कटौती किए भुगतान पूर्ण कर दिया जाए। कहा कि कर्मचारी आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनी बहनों से बंधुओं मजदूर की तरह व्यवहार करते हैं।

समस्याओं का हल करने की जगह बात- बात पर चिल्ला कर बात करते हैं, जो निंदनीय है। जिला कोषाध्यक्ष वंदना तिवारी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनी के द्वारा किसी भी तरह के कार्यक्रम में कार्यों की रिपोर्टिंग के लिए पर्याप्त बाउचर रिपोर्टिंग प्रपत्र उपलब्ध कराया जाए। आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान लंबित कर शोषण करना कार्यालयों के कर्मचारियों की आदत बन गई है। डाटा आपरेटर की तरह आशा कार्य कर रही हैं। सभी कार्यो का अविलंब भुगतान किया जाए। कितने घंटे कार्य करना है। समय सीमा की सूचना और सभी कार्यों के सापेक्ष मिलने वाली धनराशि की तत्कालीन सूची उपलब्ध कराई जाए। जिले में आशा की चयन प्रक्रिया पूर्ण की गई, लेकिन अभी तक ट्रेनिंग कराकर तैनाती नहीं की गई। ऐसे में आशाओं पर कार्य का बोझ बढ़ जाता है। जबकि अतिरिक्त कार्य की कोई पारिश्रमिक नहीं मिलती है। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि आशाओं को स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ कहा जाता है। इनकी समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण हो, जिससे धरना- प्रदर्शन न करना पड़े। इस मौके पर जिलामंत्री गौतम तिवारी, संगठन मंत्री सरोज मौर्या, शीला सिंह और मीडिया प्रभारी सीमा यादव मौजूद रहीं।




