
गाजीपुर।साहित्य चेतना समाज का 40 वां वार्षिक पुरस्कार वितरण एवं गाजीपुर गौरव सम्मान समारोह ( चेतना महोत्सव – 2025 ) नगर के बंधवा स्थित एक पैलेस में हुआ । सिद्धपीठ हथियाराम मठ महामण्डलेश्वर भवानीनन्दन यति महाराज एवं लखेश्वर ब्रह्म आयुर्वेदिक ट्रस्ट के संस्थापक यूशजी की उपस्थिति में हुए । मुख्य अतिथि लोकगायिका पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव थीं । समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ । अतिथियों का स्वागत संस्था के अध्यक्ष डॉ रविनन्दन वर्मा , सचिव हीरा राम गुप्ता एवं संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी ने किया । भवानीनन्दन यति महाराज ने संस्था को एक लाख रुपए की सहयोग राशि प्रदान की । लोकगायिका पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव ने कहा कि जगह जगह पर यदि ऐसी संस्थाएं सक्रिय हो जांय तो समाज का काफी भला हो सकता है

।समारोह में देश के विभिन्न प्रमुख पदों पर रहकर प्रशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले ढढ़नी गांव निवासी पूर्व आईएएस . बालेश्वर राय को इस वर्ष के ‘ गाजीपुर गौरव ‘ सम्मान से सम्मानित किया गया । उन्हें जब अंगवस्त्रम्, स्मृति चिह्न व सम्मान पत्र प्रदान किया गया तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा । समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आये सैकड़ों लोगों ने माल्यार्पण कर उनका अभिनन्दन किया । अपने सम्मान से अभिभूत बालेश्वर राय ने इस सम्मान के लिए संस्था के प्रति आभार जताया । संस्था की ओर से वर्ष 2024 में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में चयनित प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया ।

सेन्ट जॉन्स स्कूल की संगीत शिक्षिका माया नायर ने भजन , न्यू होराइजन एकेडमी तुलसीसागर एवं डी ड्रीम्स डांस स्कूल के बाल कलाकारों आकर्षक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया । ओम धीरज ने संस्था द्वारा विद्यार्थियों व युवाओं को विगत चार दशकों से साहित्यिक – सांस्कृतिक संस्कार देने के प्रयास को महत्वपूर्ण बताया । कार्यक्रम में राजीव मिश्र , शशिकांत राय , विनोद राय,आनन्द प्रकाश अग्रवाल , शिवम प्रकाश त्रिपाठी , विद्युत प्रकाश , मिश्री लाल निषाद , मनोज सिंह , विनोद उपाध्याय , दिलीप आर्य , प्रो अमरनाथ राय , डा .एके मिश्रा , डा .डीपी सिंह , संजीव श्रीवास्तव , डा स्वतंत्र सिंह आदि उपस्थित थे । अध्यक्षता पूर्व अपर मण्डलायुक्त वरिष्ठ साहित्यकार ओम धीरज तथा संचालन संस्था के उपाध्यक्ष संजीव गुप्त एवं धन्यवाद ज्ञापन संस्थापक अमरनाथ तिवारी ‘ अमर ‘ ने किया ।




