
गाजीपुर। राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर छात्रसंघ प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के नाम संबोधित पत्रक एसडीएम सदर विनोद जोशी को सौंपा। पत्रक के माध्यम से 30 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन के दौरान शिष्टाचार भेंट एवं वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल का नाम आधिकारिक प्रोटोकॉल सूची में सम्मिलित करने की मांग की गई है। साथ ही यह आग्रह भी किया गया कि यदि किसी कारणवश सीधी वार्ता संभव न हो पाए, तो छात्रों का यह मांग पत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाए ताकि क्षेत्र के युवाओं और छात्र-छात्राओं की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो सके।पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा, “गाजीपुर पूर्वांचल का एक प्रमुख जनपद है, जहाँ 360 से अधिक महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद आज तक यहाँ एक भी राज्य विश्वविद्यालय नहीं है, जिसके कारण गाजीपुर ‘विश्वविद्यालय विहीन’ बना हुआ है। विश्वविद्यालय के अभाव में उच्च व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए यहाँ के छात्र-छात्राओं को मजबूरन दूसरे जिलों या राज्यों का रुख करना पड़ता है। इससे मध्यमवर्गीय व किसान परिवारों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ पड़ता है और कई प्रतिभावान ग्रामीण छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। छात्र नेता अभिषेक पाण्डेय ने कहा,कि यहां के छात्र-छात्राओं को समान एवं सुलभ शिक्षा का अधिकार मिलना ही चाहिए। जब सरकार हर जिले में विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है, तो गाजीपुर जैसे शैक्षणिक केंद्र की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।” पत्रक सौपने वालों में विकास यादव, डॉ शम्मी सिंह, अभिषेक पांडेय, निलेश बिन्द, विशाल मौर्या, विवेक प्रधान, अमृतांश बिन्द, रजनीश राय, अभिनव रंजन, सुधांशु पांडे सहित बड़ी संख्या में छात्र एवं युवा उपस्थित रहे।




