
गाजीपुर । राजकीय होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. राजेन्द्र सिंह के निर्देशन में डॉ. प्राणेश सिंह ने सभी शिक्षकों, अस्पताल स्टाफ एवं विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई । कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, समाज और परिवारों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना तथा नशामुक्त भारत के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प को सशक्त करना था। उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समुदाय को भी नशा मुक्त रखने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। शपथ में इस भावना को विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि परिवर्तन की शुरुआत भीतर से होती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अनुशासन, संयम और जिम्मेदारी को अपनाना चाहिए। इस अवसर पर राष्ट्रीय नाट्य अकादमी द्वारा प्रस्तुत नशा-विरोधी नाटक का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें यह दर्शाया गया कि नशे की लत कैसे शुरू होती है, इसके सामाजिक एवं व्यक्तिगत दुष्परिणाम क्या होते हैं, और समय रहते इससे बचाव कैसे किया जा सकता है। प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. राजेन्द्र सिंह ने नशे से दूर रहने की सलाह दी और कहा कि युवा पीढ़ी देश का भविष्य है, इसलिए उनका स्वस्थ, अनुशासित और जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र को कमजोर करता है। इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों ने यह प्रतिज्ञा की कि वे न केवल स्वयं को, बल्कि अपने आसपास के वातावरण को भी नशामुक्त बनाने में योगदान देंगे।




