
रेवतीपुर (गाजीपुर)। सुहवल थाना के डुहियां गांव में मंगलवार को जलनिकासी विवाद को लेकर दो समुदाय आमने-सामने आ गए।मल्लाह समुदाय की दर्जनों महिलाओं ने यादव समुदाय द्वारा निर्मित लगभग 70 फीट लंबी और पांच फीट ऊंची चहारदीवारी को लोहे की रॉड से तोड़ दिया।इस घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया।चारदीवारी तोड़े जाने की सूचना मिलते ही यादव समुदाय के लोग मौके पर पहुंचे और इसका विरोध करने लगे।देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति बन गई,जिससे गांव में तनावपूर्ण माहौल पैदा हो गया।सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष कमलेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।उन्होंने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। इस घटना की जानकारी आसपास के गांवों में भी फैल गई,जिससे वहां भी हलचल मच गई।पीड़ित पक्ष के बैरागी यादव और रघुनाथ यादव सहित अन्य लोगों ने बताया कि उनके पूर्वजों ने दशकों पहले आठ मंडा सोलह धूर भूमि विधिवत रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदी थी।उन्होंने विपक्षियों द्वारा अधिक भूमि कब्जाने के आरोप को निराधार बताया और कहा कि बिना किसी वैध कारण के उनकी चारदीवारी को क्षतिग्रस्त किया गया है।वहीं,दूसरे पक्ष के रामविलास चौधरी और रामाकांत चौधरी समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि यादव समुदाय के कुछ लोगों ने निर्धारित सीमा से अधिक भूमि घेरकर चारदीवारी का निर्माण किया है। इसके कारण गांव की जलनिकासी व्यवस्था बाधित हो गई है,जिससे नालियों का पानी गलियों में जमा हो रहा है और ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो रहा है।ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विनीत राय ने बताया कि जलनिकासी का रास्ता अवरुद्ध होने के कारण ही विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस भूमि पर चारदीवारी बनाई गई है।वह यादव समुदाय के लोगों की निजी भूमि है और उसके आसपास ग्राम सभा की कोई भूमि नहीं है।एसडीएम मनोज कुमार पाठक ने आश्वासन दिया कि गांव में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौके पर संबंधित भूमि यादव समुदाय के लोगों की कास्तकारी भूमि है और वहां ग्राम समाज की कोई भूमि नहीं पाई गई है।चारदीवारी तोड़ने में शामिल लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।




