
गाजीपुर। सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण तथा उनके कल्याणार्थ संचालित योजनाओं की समीक्षा हेतु कार्यालय जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास, के तहत जिला सैनिक बंधु की बैठक जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में राइफल क्लब हुई।बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों से संबंधित समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सैनिकों एवं उनके परिवारों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा एवं सेवा में अपना योगदान देने वाले सैनिकों का सम्मान एवं कल्याण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी पूर्व सैनिक अथवा वीरांगना को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सभी विभाग संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।बैठक में सैनिक परिवारों को मिलने वाली विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, पेंशन, चिकित्सा सुविधा, भूमि संबंधी प्रकरण, पारिवारिक पेंशन, आश्रितों को रोजगार, शिक्षा सहायता तथा अन्य लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सैनिकों से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब न किया जाए तथा सभी प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।बैठक में पिछली बैठकों के आवेदन पत्रों के निस्तारण की समीक्षा की गयी। समीक्षा उपरान्त यह पाया गया कि फरवरी महीने से अप्रैल तक कुल 35 आवेदन पत्र प्राप्त हुये थे। जिसमें 24 आवेदन पत्रों का निस्तारण की आख्या प्राप्त हो चुकी है। 8 प्रकरण शस्त्र एवं 3 प्रकरण अन्य विभाग का निस्तारण लम्बित है। जिसपर जिलाधिकारी,ने निर्देश दिया कि जिन प्रकरणों की आख्या प्राप्त नहीं हुई है, उन सम्पूर्ण प्रकरणों को आई०जी०आर०एस० पोर्टल पर सम्बंधित विभाग के नाम से प्रकरण दर्ज करा दिया जाय।जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने बताया 24.मई को 24 प्रार्थना पत्र पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के द्वारा दिया गया। जिसके निस्तारण हेतु जिलाधिकारी ने सम्बंधित विभाग को औकात करते हुए तत्काल निश्चित धारण करने का निर्देश दिया।बैठक में उपस्थित पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों ने अपनी समस्याओं एवं सुझावों को जिलाधिकारी के समक्ष रखा, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि पूर्व सैनिक देश की अमूल्य धरोहर हैं और उनका अनुभव समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैठक में 72 पूर्व सैनिक एवं उनके आश्रित, विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, वीर नारियां एवं सैनिक परिवारों के सदस्य उपस्थित रहे।




