
गाजीपुर। जिलाधिकारी आवास के सामने सामाजिक कार्यकर्ता ने हाथों से बालू हटाकर किया सत्याग्रह। उखड़ी हुई सड़क और गिट्टियों पर बैठकर जिम्मेदार अधिकारियों के सद्बुद्धि की किया कामना। एकल सत्याग्रह करने वाले स्वतंत्र पत्रकार समग्र विकास इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजभूषण दूबे का कहना है कि शहर की सड़कों को लगभग ढाई तीन वर्षों से खोदकर छोड़ दिया गया है! बरसात में जल जमाव होता है गर्मी में धूल उड़ती है, बाइक और साइकिल चलाने वालों को सर्वाइकल का प्रॉब्लम हो रहा है, उड़ती हुई धूल से बच्चों महिलाओं पुरुषों और वृद्धिजन के फेफड़े संक्रमित हो रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है जिनकी सेहत पर गड्ढों और धूल का बुरा असर पड़ता है। ब्रजभूषण दूबे ने कहा कि जनप्रतिनिधि कुंभकरण की नींद सो रहे हैं चाहे वह सत्ता का हो या फिर विपक्ष का। राजनीतिक दल अब आवाज उठाना भी बंद कर दिए हैं क्योंकि उन्हें डर है कि सरकार के इशारे पर अधिकारी और पुलिस कर्मी उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसा देंगे ऐसा लोकतंत्र की सेहत के लिए ठीक नहीं है। जिलाधिकारी आवास के सामने काफी दिनों से सफेद बालू फैला हुआ है जिस पर मोटरसाइकिल और साइकिल वाले फिसल जाते हैं। अपने हाथ और पैर से बालू को हटाकर यह संदेश दिया कि ऐसे मामले में आमजन भी अपने ड्यूटी का पालन करें तथा जिम्मेदार लोगों को आईना दिखाएं। ब्रजभूषण दूबे ने कहा कि अति शीघ्र जिले की सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जाते, नालियां पाटी नहीं जाती तो हम इस मामले को लेकर जनहित याचिका उच्च न्यायालय में योजित करेंगे!




