
गाजीपुर। 26 मई को प्रदेश के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है, लेकिन अभी तक पंचायत चुनाव की कोई स्पष्ट तिथि घोषित नहीं होने से प्रधानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी को लेकर जिले के प्रधान संघ ने अपनी आवाज बुलंद करनी शुरू करना शुरु कर दिया है। इसे लेकर 13 अप्रैल को सभी ग्राम प्रधान 13 को सरजू पांडेय पार्क में बैठक करेंगे।प्रधान प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में सरकार समय से पंचायत चुनाव कराने में सक्षम नहीं दिखाई दे रही है। ऐसे में प्रशासनिक शून्यता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसका सीधा असर गांवों के विकास कार्यों पर पड़ेगा। इसे देखते हुए प्रधान संघ ने निर्णय लिया है कि जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा जाएगा।ज्ञापन के माध्यम से मांग की जाएगी कि यदि सरकार समय पर पंचायत चुनाव नहीं करा पाती है, तो वर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाए। प्रधानों ने साफ शब्दों में कहा है कि वे “सरकारी प्रशासक प्रधान” व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेंगे। उनका कहना है कि यदि सरकार बिना वित्तीय अधिकारों के प्रशासक नियुक्त करती है, तो यह ग्राम पंचायतों के विकास को बाधित करेगा।प्रधान संघ के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश सरकार ने इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो वे सरकार के कार्यों का विरोध करने के लिए बाध्य होंगे। उनका तर्क है कि राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाया गया है, जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में भी समान निर्णय लिया जाना चाहिए। 13 अप्रैल को सरजू पांडेय पार्क में प्रधानों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में जिले भर के प्रधानों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया गया है, ताकि आगे की रणनीति तय की जा सके।प्रधान संघ जिला अध्यक्ष मदन सिंह यादव कहना है कि यह लड़ाई केवल उनके पद की नहीं, बल्कि गांवों के विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने की है। अब देखना होगा कि सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है।




